आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मानदेय में वृद्धि सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई है। कहना है कि कोरोनाकाल में फ्रंटलाइन वर्कर के तौर पर कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी पालन कर रही हैं। बावजूद सरकार द्वारा उनकी सुध नहीं ली जा रही है।
बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे विभाग कार्यों के साथ सरकार की अन्य योजनाओं में भी शामिल हो रही हैं, लेकिन उन्हें कोई भत्ता नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने मानदेय 18 हजार रुपये करने, मिनी कार्यकर्ता को समान कार्य का समान मानदेय देने, सुपरवाइजर के पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की है। बैठक में कुसुम सेमवाल, सीमा नेगी, दिक्की राणा, सुनीता भट्ट, अंजू चौहान, संतोषी नेगी, मीनाक्षी राणा, अनीता राणा आदि मौजूद थे।