ऑलवेदर रोड परियोजना में निर्माणाधीन रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के चौड़ीकरण से प्रभावित तिलवाड़ा के अस्सी फीसदी प्रभावितों को दो वर्ष बाद भी मुआवजा नहीं मिल पाया है। प्रशासन को कई बार अवगत कराने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
जिला मुख्यालय से 9 किमी की दूरी पर रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर स्थित कस्बे में पहले तो सड़क की चौड़ाई को लेकर लंबे समय तक संशय बना रहा। अब 14 मीटर चौड़ाई निर्धारित होने पर एनएच व प्रशासन द्वारा लोगों के भवन, कृषि भूमि व दुकानें सड़क चौड़ाई के लिए अधिगृहित की गईं, लेकिन दो वर्ष बाद भी प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला। वहीं, भूमि अधिग्रहण के बाद उन्हें अभी तक भवन व प्रतिष्ठान खाली करने का लिखित नोटिस नहीं मिला है। प्रभावित विक्रम सिंह, भरत सिंह, बसंती देवी, गोविंद सिंह, सुनील सिंह, राजेंद्र सिंह का कहना है कि बीते दो वर्षों में कई बार जिला प्रशासन को अवगत कराने के बाद भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।