धनपुर पट्टी के राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय ग्वाड़ वार्ड ब्याय के भरोसे है।
अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट की ड्यूटी अर्द्धकुंभ में लगने से जनता को मामूली बीमारी के उपचार के लिए भी करीब चालीस किमी की दूर जिला अस्पताल आना पड़ रहा है।
ग्वाड़ में वर्ष 2005 में राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय खोला गया था।
विभाग ने यहां साढ़े चालीस लाख की लागत से अस्पताल भवन भी बनाया, लेकिन इसमें अब तक बिजली व पानी नहीं है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों को परेशानी होती है।
वहीं अस्पताल में स्थायी चिकित्सक भी तैनात नहीं है। पहले यहां फार्मासिस्ट ही अस्पताल में मरीजों को देखता था।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट की तैनाती हरिद्वार अर्द्धकुंभ में लगा दी गई है। इससे जनता को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्राम प्रधान नीलम राणा, सैन सिंह, वीरेंद्र सिंह ने बताया कि अस्पताल से क्षेत्र की लगभग पांच हजार आबादी जुड़ी है।
लंबे समय से ग्रामीण यहां चिकित्सक की तैनाती की मांग कर रहे हैं, लेकिन चिकित्सक की तैनाती करने के बजाय विभाग ने फार्मासिस्ट भी अन्यत्र भेज दिया। उन्होंने शीघ्र अस्पताल में व्यवस्था करने की मांग की है।
इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरपी बडोनी ने बताया कि जिले में चिकित्सकों की कमी के संबंध में निदेशालय को अवगत कराया गया है। ग्वाड़ में जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था पर फार्मेसिस्ट की तैनाती कर दी जाएगी।