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Rudraprayag News: लागी बाडुली, हे रूड़ी, मिजाज रूड़ी...

Fri, 12 Jan 2024 07:37 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
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नारायणबगड़ के आलकोट गांव में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार। स्रोत-मेला आयोज
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दिग्धार-थाती में कृषि पर्यटन सांस्कृतिक विकास महोत्सव शुरू, किशन महिपाल के गीतों पर झूमे
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ब्लॉक प्रमुख ने मेला के विकास के लिए दिए 16 लाख रुपये
फोटो
तिलवाड़ा। जखोली ब्लॉक के बड़मा पट्टी के दिग्धार-थाती में पहली बार तीन दिवसीय कृषि, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास महोत्सव शुरू हो गया है। मेला में स्कूली बच्चों और महिला मंगल दलों ने लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। मेले में लोक गायक किशन महिपाल ने लागी बाडुली, हे रूड़ी, मिजाज रूड़ी, ओ जिया आदि गीतों की प्रस्तुतियां दीं जिस पर लोग जमकर झूमे।
महोत्सव का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख प्रदीप थपलियाल ने किया। उन्होंने मेला स्थल को भव्य बनाने तथा मेला समिति के अस्थायी कार्यालय भवन निर्माण के लिए 16 लाख रुपये देने की घोषणा की। मेला समिति के अध्यक्ष विशंभर रावत ने कहा कि बड़मा पट्टी के 18 ग्राम पंचायतों की सहभागिता से महोत्सव की शुरुआत की गई है। विशिष्ट अतिथि कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुंवर सजवाण ने कहा कि राजनीति से हटकर हम सभी को बड़मा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर काम करना होगा। मेले में क्षेत्रीय जनता में प्रस्तावित सैनिक स्कूल का निर्माण नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस मौके पर मेला संरक्षक बीरेंद्र बुटोला, मेला समिति के संयुक्त सचिव कालीचरण रावत, सचिव प्रदीप रावत व उमादत्त सेमवाल, पूर्व ब्लाॅक प्रमुख जगदीश्वरी भारद्वाज, क्षेत्र पंचायत सदस्य नीमा रौथाण, ग्राम प्रधान ज्योति रौथाण, राजकीय शिक्षक संघ महामंत्री आलोक रौथाण, राजकीय शिक्षक संघ टिहरी जिलाध्यक्ष दिलवर सिंह रावत, प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह झिंक्वाण आदि मौजूद थे।
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भू-कानून और मूल निवास जरूरी: किशन महिपाल

तिलवाड़ा। मेले में लोक गायक किशन महिपाल ने उन्होंने नई पीढ़ी से अपनी परंपराओं से जुड़ने और संरक्षण के साथ प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। उन्होंने उत्तराखंड में भू-कानून और मूल निवास को जरूरी बताया। कहा कि यह जरूरी है, तभी हमारी संस्कृति बची रह सकती है। आज बदरी-केदार, गंगोत्री यमुनोत्री की घाटियों से लेकर कैलाश यात्रा पथ भी बाहरी लोगों के अतिक्रमण का शिकार है। पूंजीपति जहां-तहां भूमि खरीद रहे हैं और हमारे लोग निरंतर बाहर जा रहे हैं। संवाद

मां नंदा राजजात की झांकी निकाली, जागर की दी प्रस्तुति
श्री विंसर महादेव विकास एवं सांस्कृतिक महोत्सव शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणबगड़। आलकोट गांव के जीआईसी खेल मैदान में क्षेत्र के नौ ग्राम पंचायतों की ओर से आयोजित ऊं श्री विंसर महादेव विकास एवं सांस्कृतिक महोत्सव सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ। ग्राम नौणा की महिलाओं ने मां नंदा राजजात की शानदार झांकी निकालते हुए माहौल को नंदामय बना दिया। धारबारम गांव की महिलाओं ने नौ बैण्यो आंछरियों पर जागर की प्रस्तुति दी।
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महोत्सव का शुभारंभ विधायक भूपालराम टम्टा, ब्लाॅक प्रमुख यशपाल सिंह, बेतालेश्वर महादेव मंदिर थराली के महंत सच्चिदानंद गिरी महाराज, नौ ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने किया। विधायक भूपालराम टम्टा ने विंसर महादेव मंदिर में रैन शेल्टर के लिए पांच लाख रुपये, अनुसूचित जाति बस्ती मेटा में प्रतिक्षालय के लिए दो लाख, जीआईसी परिसर में बाउंड्री वॉल की घोषणा की। उन्होंने आलकोट इंटर काॅलेज भवन के नव निर्माण के लिए शिक्षा अधिकारी को निर्देश किए। इसके बाद क्षेत्र के उभरते लोक गायक मयंक पुरोहित ने शिव भजन शिवजी का संग मा, गौरा च रंग मा, तेरा रंग अनेक शिवजी, तेरा रूप अनेक शिवजी की प्रस्तुति दी। बता दें कि विंसर महादेव की पूजा अर्चना 14 जनवरी को होगी लेकिन पहली बार नौ ग्राम पंचायतों की आपसी सहमति पर यह महोत्सव करने का निर्णय लिया गया। इस अवसर पर गिरिश चमोला, नंदू बहुगुणा, गंगा सिंह ,प्रेम सिंह, नारायण सिंह, भुवन जोशी, विंसर महादेव विकास एवं सांस्कृतिक महोत्सव के संरक्षक डीडी उनियाल, अध्यक्ष देवेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।
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