केदारनाथ व केदारघाटी को रुद्रप्रयाग व बदरीनाथ हाईवे से जोड़ने के लिए गौरीकुंड हाईवे पर स्थित 68 मीटर सुरंग का दो चरणों में सुधारीकरण किया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड लोनिवि व टीएचडीसी के बीच अनुबंध हुआ है।
सत्तर के दशक के शुरूआती वर्षों में अलकनंदा व मंदाकिनी नदी के संगम के ऊपरी तरफ पहाड़ी को काटकर बनाई गई 68 मीटर सुरंग को टीएचडीसी की देखरेख में ठीक किया जाएगा। एनएच लोनिवि के ईई जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पहले चरण में सुरंग का अस्थायी ट्रीटमेंट किया जाएगा, जिसमें लाइनिंग को ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद नई अस्थायी लाइनिंग बनाई जाएगी, जिससे सुरंग में बरसाती पानी का रिसाव नहीं होगा। इसके बाद टीएचडीसी के विशेषज्ञों द्वारा डिजायन तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर स्थायी ट्रीटमेंट होना है। साथ ही सुरंग के दोनों छोर और अंदर लाइटिंग की जाएगी। एनएच के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा रुकने के बाद सुरंग का काम शुरू किया जाएगा। इसमें करीब 45 दिन का समय लगेगा और इस दौरान वाहनों का संचालन बाईपास से होगा।