अद्रवाडी गांव में बीं विधाता (मां नंदा का आह्वान ) पारंपरिक अनुष्ठान का आराध्य की डोली विदाई के साथ समापन हो गया है। इस मौके पर दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंची ध्याणियों व भक्तों ने देवी को भेंट अर्पित कर घर, परिवार की सुख-समृद्घि का आशीर्वाद मांगा।
बीते 14 मार्च से गांव में बीं विधाता पारंपरिक अनुष्ठान विशेष-पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ था। इस मौके पर ग्रामीणों ने अपने घरों में जौ की हरियाली स्थापित की थी। 15 दिनों तक देवी की प्रतिदिन नियमित विशेष पूजा-अर्चना के साथ ही जौ की हरियाली भेंट की गई। बुधवार को विधि-विधान के साथ अनुष्ठान संपन्न होने पर ध्याणियों व भक्तों को प्रसाद के रूप में जौ की हरियाली वितरित की गई। इसके बाद आराध्य मां नंदा की डोली को पारंपरिक वाद्ययंत्रों व जयकारों के साथ भक्तों ने गांव से विदा करते हुए लगभग एक किमी दूर दिलेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान किया। इस मौके पर भगवती प्रसाद सेमवाल, गणेश सेमवाल, चंद्रशेखर सेमवाल, बच्चीराम, ओम प्रकाश समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। संवाद