शराब विरोधी संगठन की महिलाओं ने शराब पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग को लेकर बुधवार को कुंड-ऊखीमठ-गोपेश्वर राजमार्ग पर ढाई घंटे चक्काजाम किया। रुद्रप्रयाग के तहसीलदार के मौके पर पहुंचकर वार्ता करने और काकड़ागाड़ में शराब की दुकान को सील करने के बाद महिलाओं ने जाम खोला।
क्षेत्र के डंगवाड़ी, भटवाड़ी, चुन्नी, मंगोली, उदयपुर, पेंज, गांधीनगर, किमाणा, पठाली, डुंगर, सेमला सहित मद्महेश्वर एवं तुंगनाथ घाटी के गांवों की महिलाएं बुधवार पूर्वाह्न कुंड में एकत्रित हुई। इसके बाद शराब को पूर्ण प्रतिबंधित किए जाने की मांग को लेकर उन्होंने राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया।
इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। महिलाओं का कहना था कि द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर एवं तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के गद्दी स्थल होने के साथ ऊखीमठ पंचकेदार गद्दी स्थल भी है, जहां वर्षभर देश-विदेश के श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मातृशक्ति ने क्षेत्र की धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए सरकार से शराब को पूरी तरह प्रतिबंधित करने की मांग की। दोपहर एक बजे रुद्रप्रयाग के तहसीलदार श्रेष्ठ गुनसोला मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिलाओं से वार्ता की। इस दौरान तहसीलदार ने रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे के निकट काकड़ागाड़ में संचालित शराब की दुकान को सील कर दिया, जिसके बाद महिलाओं ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
धरना देने वालों में जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, महिला मंगल दल अध्यक्ष रामेश्वरी देवी बत्र्वाल, गोदांबरी देवी, नगर पंचायत सभासद दुर्गा देवी, ग्राम प्रधान विजयलक्ष्मी तिवारी, मंजू देवी, विछना देवी, दीपा देवी सहित दो सौ से अधिक महिलाएं मौजूद थी।