रुद्रपुर। जिला विकास प्राधिकरण के कामकाज और गतिविधियों पर अब तीसरी आंख की नजर रहेगी। दफ्तर में आठ सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और प्राधिकरण सचिव के दफ्तर में कंट्रोल रूम होगा।
दरअसल जिला विकास प्राधिकरण में नक्शे स्वीकृत कराने सहित अन्य कार्य होते हैं लेकिन कई बार कामकाज पर दबी जुबान सवाल भी उठते रहते हैं। इसके देखते हुए प्राधिकरण दफ्तर में आठ सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं। इससे कार्यालय में होने वाली गतिविधियों पर तीसरी आंख की बराबर नजर रहेगी। इसके अलावा प्राधिकरण के पास मंजूरी के लिए ऑनलाइन अपलोड होने वाले नक्शों में होने वाली दिक्कतों को लेकर नई कवायद की जा रही है।
वर्तमान में आवेदक का नक्शा प्राधिकरण की वेबसाइट में अपलोड होने के बाद उसमें आने वाली खामी को अधिकारियों द्वारा पकड़ने के बाद उसे आवेदक के पास ठीक करने के लिए भेजा जाता है। जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि अब ऐसा साफ्टवेयर लाने की तैयारी की जा रही है, जिसमें सिर्फ सही नक्शा ही अपलोड हो सकेगा।
अभी इस सॉफ्टवेयर का एमडीडीए में ट्रायल चल रहा है। इसके अलावा बिल्डर या अन्य व्यवसायिक निर्माणों के लिए स्वीकृति के लिए आने वाले नक्शों के लिए बिजली, लोनिवि, टाउन प्लानर, अग्निशमन सहित छह विभागों की एनओसी की जरूरत पड़ती है। विभागों से एनओसी आने में देरी के चलते चार से छह महीने तक का समय नक्शा पास होने में लग जाता है।
इसे देखते हुए अब सिर्फ बेहद जरूरी एनओसी को ही लेने पर बात चल रहा है। इसका प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव के तहत विभागों से उनके डाटा और शर्तें ली जाएंगी और नक्शे के आवेदन में इनको जोड़ दिया जाएगा। इससे एनओसी देने में विभागों की ओर से होने वाले विलंब से बचा जा सकेगा।
छोटे ड्राफ्टमैनों को मिलेगी निशुल्क सुविधा
रुद्रपुर। प्राधिकरण की वेबसाइट पर ऑनलाइन नक्शे के आवेदन के समय कंप्यूटर के आटोकैट में तैयार नक्शे को पीआरडीसीआर सॉफ्टवेयर से ऑटो डीसीआर सॉफ्टवेयर में बदलने के लिए एक साल के लाइसेंस का शुल्क संबंधित कंपनी 90 हजार लेती है। इसके तहत ये शुल्क बड़े ड्राफ्टमैन ही चुका पाते हैं और छोटे ड्राफ्टमैन भी नक्शों के लिए बड़े ड्राफ्टमैनों पर निर्भर रहते हैं।
अब प्राधिकरण छोटे ड्राफ्टमैनों को निशुल्क सेवा देने जा रही है। इसके तहत काशीपुर नगर निगम और एसडीएम कार्यालय (काशीपुर), जिला विकास प्राधिकरण और खटीमा एसडीएम कार्यालय में एक-एक कंप्यूटर दिया जा रहा है। इसमें छोटे ड्राफ्टमैन पेनड्राइव में नक्शा लाकर प्राधिकरण की वेबसाइट में निशुल्क अपलोड कर सकेंगे। प्राधिकरण सचिव पंकज उपाध्याय ने बताया कि कंप्यूटर खरीदने की कार्यवाही चल रही है। बहुत जल्द यह सेवा शुरु कर दी जाएगी। अभी तक एक महीने में सौ नक्शे पास होने आते हैं और इस सुविधा के बाद यह संख्या पांच सौ तक पहुंचेंगी।
जेई को टैबलेट देने पर हो रहा विचार
रुद्रपुर। प्राधिकरण में आवेदन के साथ आने वाले नक्शे की हार्डकॉपी लेकर जेई संबंधित जगह पर जाकर जांचता है लेकिन अब सभी जेई को टेबलेट देने पर विचार किया जा रहा है। प्राधिकरण सचिव के मुताबिक टैबलेट मिलने के बाद जेई हार्डकॉपी की बजाय मौके पर ही टैबलेट की मदद से ऑनलाइन नक्शा देख जांच कर लेंगे। वर्तमान में तीन संविदा और तीन विभागीय जेई तैनात हैं।