नाबालिग से दुराचार के आरोपी को जिला न्यायाधीश ने 10 वर्ष की कैद और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है।
शनिवार को रुद्रप्रयाग में आयोजित विशेष अदालत में जिला न्यायाधीश आशीष नैथानी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। उन्होंने पोक्सो एक्ट व अन्य संबंधित धाराओं में आरोपी मोहन सिंह (75) पुत्र स्व. मोलू सिंह निवासी सेम-डंगवालगांव को दोषी पाते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
कहा कि जिस तरह से आरोपी ने एक नाबालिग के साथ दुराचार किया है, वह किसी भी स्थिति में माफी लायक नहीं है। सजा सुनाने के बाद अगस्त्यमुनि पुलिस की कस्टडी में आरोपी को जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया। सरकार की ओर से मामले की पैरवी शासकीय अधिवक्ता केपी खन्ना ने की।
बता दें कि 17 अप्रैल 2016 को मोहन सिंह ने सुबह करीब 10 बजे एक घर में पीछे के रास्ते से घुसकर एक नाबालिग को अपनी हवस का शिकार बनाया था। तब पीड़िता घर में अकेली थी। इस दौरान उसकी मां खेतों में काम करने और दादी बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थी।
पीड़ित के पिता ने 20 अप्रैल 2016 को थाना अगस्त्यमुनि में तहरीर दी थी, जिस पर आरोपी के खिलाफ धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। तब आरोपी को दबिश देकर गांव से दूर जंगल से गिरफ्तार किया गया था।