मद्महेश्वर मेले में शनिवार को लोक कवि सम्मेलन आकर्षण का केंद्र रहा। लोक कवि सुधीर बर्त्वाल ने, बात सच्ची ब्वनू मजाक नीं.. बचीं आज कखि शर्म लाज नीं..कविता से वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर नजर डाली। वहीं अनूप नेगी ने बढ़िया ह्वे हम पर पुछड़ि नि ह्वे.. अश्विनी गौड़ ने वोट मांगण नेता औणा.. यूं नेतो तै समझे द्या.. नितीश भंडारी ने हमरा गौं पर आजकल यूं कन र्वोग लग्यूं च.. जैसी कविताओं से खूब तालियां बटोरी।
जीआईसी मैदान में मेला के तीसरे दिन के कार्यक्रमों का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने किया। इस दौरान उन्होंने मेला समिति को मंदिर समिति की ओर से 75 हजार रुपये का चेक भी भेंट किया। मेले में अंतिम दिन कलश संस्था की ओर से आयोजित लोक कवि सम्मेलन में संचालक ओपी सेमवाल ने जहां हैरी धरती का गीत, नीला आसमान का गीत, कविता के माध्यम से उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य पर प्रकाश डाला।
वहीं तेजपाल निर्मोही ने जीवन मा खुशियां खोजदा, खोजदी, कविता से आमजन के संघर्ष को बया किया। कविता भट्ट ने उत्तराखंड कू दर्द, उपासना सेमवाल ने मेरा देश का रजा मोदी, रजनीकांत मैठाणी ने पहाड़ की नार और पंकज पंवार ने नोटू की मार कविता पाठ से दर्शकों से खूब वाह वाही लूटी।
मेले में महिला मंगल दल भटवाड़ी की महिलाओं ने थड्या और झूमेलों नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां दी। वहीं विभिन्न स्कूलों की ओर से, हे रुड़ी मिजाज रुडी, मिजाजा, वीरो भड़ों को देश, बावन गढ़ों को देश, आदि लोक गीत व नृत्य की प्रस्तुतियों से दर्शकों को बांधे रखा।
इस मौके पर मेलाध्यक्ष रीता पुष्पवाण, प्रकाश रावत, विजेंद्र नेगी, राकेश तिवारी, जगदीश लाल, विनोद रावत, जिला पंचायत सदस्य संगीता नेगी, बीकेटीसी के कार्याधिकारी अनिल शर्मा, केदारनाथ के मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग, राजशेखर लिंग, बागेश लिंग आदि मौजूद थे।
व भूषण अवस्थी मेमोरियल बैडमिंटन प्रतियोगिता के सिंगल मुकाबले में तिलवाड़ा के अमित कंडारी ने ट्राफी अपने नाम की। डबल मुकाबले में अगस्त्यमुनि के अमित नेगी व नवीन बिष्ट विजेता रहे। सर्वश्रेष्ठ का खिलाड़ी का पुरस्कार महेश चंद्र नौटियाल को मिला। इसके अलावा स्टाल में जीआईसी ऊखीमठ व उत्पादित सामग्री स्टाल में मंदाकिनी बुनकर समिति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि व्यक्तिगत काश्तकारी के अलग-अलग वर्ग में दीपक, नरोत्तम सिंह और देवेश्वरी नेगी प्रथम रहे।