तमिलनाडु से लाए गए वस्त्र कार्तिक स्वामी को पहनाए
दक्षिण भारत व उत्तर भारत की संस्कृति का आदान-प्रदान हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपता। क्रोंच पर्वत पर भगवान कार्तिक स्वामी मंदिर में दक्षिण भारत व उत्तर भारत की संस्कृति का आदान-प्रदान हुआ। तमिलनाडु के 6 प्रमुख मंदिरों और पीठों के शिवाचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 108 बालमपुरी शंखों से भगवान कार्तिकेय का अभिषेक किया। साथ ही भगवान कार्तिकेय मुरुगन के वस्त्रों का आदान-प्रदान किया।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और जिला प्रशासन के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूजन संपन्न कराने के लिए दक्षिण भारत माईलम एथेनम, कूनमपट्टी एथेनम, कौमारा मुत्त एथेनम, श्रृंगेरी मुत्तू के प्रतिनिधि और अन्य प्रमुख शिवाचार्यों ने क्रोंच पर्वत पर मंत्रोंचारण किया और दक्षिण भारतीय शैली में पूजा की। इस अवसर पर भगवान कार्तिकेय मुरुगन के वस्त्रों का आदान-प्रदान भी किया। तमिलनाडु से लाए गए वस्त्रों को कार्तिक स्वामी को पहनाया गया और यहां के वस्त्रों को दक्षिण के मंदिरों के लिए ससम्मान भेंट किया गया। कार्तिक स्वामी मंदिर समिति के अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी ने बताया कि 108 बालमपुरी शंख दक्षिणवर्ती शंख का पूजन समृद्धि और नकारात्मकता के विनाश का प्रतीक माना जाता है। पर्यटन विभाग की इस पहल का उद्देश्य उत्तराखंड के बीच एक धार्मिक सर्किट तैयार करना है। इस अवसर पर वन एवं कौशल विकास सचिव सी रवि शंकर, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपजिलाधिकारी सोहन सिंह सैनी, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन कांडपाल, संपन्न नेगी, मंदिर समिति के उपाध्यक्ष उत्तम राज नेगी, प्रबंधक पूरन सिंह नेगी, बलराम सिंह, रमेश सिंह, लक्ष्मण सिंह आदि उपस्थित रहे।