केदारनाथ धाम में पारा गिरने से व्यापक रूप से पुनर्निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
तापमान कम होने से सुरक्षा दीवार सहित कॉटेज निर्माण के लिए पिलर का काम ठप हैं। इस दौरान निम ने भी कई मजदूरों को अपने बेस कैंप में भेज दिया है।
नवंबर माह में कपाट बंद होने के बाद से केदारनाथ में मौसम का मिजाज आए दिन बदल रहा है।
यहां दिन में जहां चटक धूप खिल रही है, वहीं शाम ढलते ही पानी जम रहा है।
रात को पारा माइनस में रहने के बाद सुबह 9 बजे के बाद सामान्य हो रहा है।
केदारनाथ में पिछले वर्ष की तुलना में अब तक नाममात्र बर्फ गिरी है।
मौसम के इस मिजाज का असर यहां हो रहे पुनर्निर्माण पर भी व्यापक रूप से पड़ रहा है।
एक माह से त्रिस्तरीय सुरक्षा दीवार सहित मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर बन रहे स्नानघाट पर सीमेंट व पत्थर का काम ठप है।
निम के देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि रातभर पारा माइनस में होने से सुबह दस बजे तक तापमान सामान्य हो पा रहा है। जबकि दोपहर ढलते ही पारा गिरने से सीमेंट जम नहीं रहा है।
स्नानघाट पर भी टाइल्स का काम इसी वजह से रोका गया है। बताया कि धाम में इन दिनों 150 मजदूर है। अन्य मजदूरों को लिनचौली, छोटी लिनचौली और सोनप्रयाग भेज दिया गया है।
इधर, बृहस्पतिवार को केदारनाथ में दिनभर मौसम साफ रहा और चटक धूप खिली रही।