गुप्तकाशी। आपदा के दौरान लोनिवि में उधारी में काम करने वाले ठेकेदारों का सात माह बाद भी भुगतान नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा। ठेकेदारों ने कुंड में केदारनाथ हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में तहसीलदार के आश्वासन पर एक घंटे बाद ठेकेदारों ने जाम खोल दिया था।
जून में आपदा के बाद लोनिवि ने आवागमन को बहाल करने के लिए आपसी सामंजस्य और सलेक्शन बांड के आधार पर कार्य कराया था। ठेकेदारों ने इस प्रत्याशा में कार्य किया कि आपदा को देखते हुए शीघ्र बजट भी रिलीज हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे गुस्साए ठेकेदारों ने आंदोलन आंदोलन शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह करीब सवा नौ बजे तयशुदा कार्यक्रम के तहत ठेकेदारों ने केदारनाथ हाईवे पर कुंड में वाहनों की आवाजाही रोक दी और शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। मौके पर पहुंचे तहसीलदार एसपी उनियाल ने बताया कि एक जनवरी को 10 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को अवमुक्त हुए हैं। शनिवार को टीएसी (तकनीकी सलाहकार समिति) की बैठक होनी है। इसकी संस्तुति के बाद एक हफ्ते में धनराशि लोनिवि की डिवीजनों को बांट दी जाएगी और ठेकेदारों को तत्काल भुगतान हो जाएगा। इस पर ठेकेदार शांत हुए और करीब एक घंटे बाद जाम खोल दिया। जाम लगाने वालों में ठेकेदार संघ के अध्यक्ष आनंद सिंह, कुलदीप कंडारी, नरेंद्र पंवार, जय सिंह नेगी, दामोदर अंथवाल, मनोज पांडे सहित कई शामिल थे।
सवा 14 करोड़ रुपये बकाया, मिले 10 करोड़
लोनिवि की तीन डिवीजनों ने ठेकेदारों का लगभग सवा 14 करोड़ रुपये बकाया भुगतान करना है। तीनों डिवीजनों को एडवांस में सिर्फ पांच करोड़ रुपये मिले थे, जिसको खर्च करने के बाद भी देनदारी है।
जून में आई आपदा से 75 से अधिक मार्ग अवरुद्ध हुए थे। 30 छोटे-बड़े पुल भी बह गए थे। सड़क मार्ग से कट गए गांवों में यातायात खोलने के लिए शासन की ओर से कार्य कराया गया। लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से नदियों को पार करने के लिए ट्राली लगाई गई। इसके अलावा गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के वैकल्पिक मार्ग को खोलने के लिए सैकड़ों मजदूर लगाए गए। यह सारा काम उधारी में करवाया गया। ठेकेदाराें ने विभागीय अभियंताआें के साथ आपसी सामंजस्य और सलेक्शन बांड के माध्यम से मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्य किया था। ठेकेदारों का कहना है कि आपदा के दौरान उनसे काम करवाया गया, जब भुगतान की बारी आई, तो सरकार रुपये नहीं दे रही है। दिक्कत यह है कि जिला प्रशासन को 10 करोड़ रुपये मिले हैं। यदि प्रशासन लोनिवि को यह धनराशि देती है, तब भी सवा चार करोड़ की कमी पड़ रही है। इधर, लोनिवि के तीनों डिवीजन के ईई का कहना है कि अगले 10-15 दिनों में ठेकेदारों के अवशेष का भुगतान कर दिया जाएगा।
यह है स्थिति
डिवीजन अवमुक्त जरूरत
रुद्रप्रयाग 3.50 करोड़ 2.25 करोड़
ऊखीमठ 0.55 करोड़ 6.00 करोड़
गुप्तकाशी 1.00 करोड़ 6.00 करोड़