अगस्त्यमुनि। राजकीय महाविद्यालय के एमए हिंदी तृतीय सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बिना किताबों के ही परीक्षा देनी पडे़गी। बाजार में नए पाठ्यक्रम की पाठ्य और सहायक पुस्तकें (गाइड) उपलब्ध नहीं है।
महाविद्यालय में सेमेस्टर की परीक्षा 21 जनवरी से शुरू हो चुकी हैं। बृहस्पतिवार को एमए हिंदी तृतीय सेमेस्टर की हिंदी विषय की परीक्षा होगी। समस्या यह है कि परीक्षार्थियों को नए पाठ्यक्रम की पाठ्य पुस्तकें बाजार में नहीं मिल पा रही हैं। यहां तक कि बाजार में पाठ्य पुस्तकों के विकल्प के रूप में गाइड या अन्य सहायक पुस्तकें भी उपलब्ध नहीं हैं। पूर्व में भी ऐसी स्थिति आ चुकी है। बाजार में एमए तृतीय सेमेस्टर में हिंदी का 17वां प्रश्न पत्र उपन्यास साहित्य और 18वां प्रश्न पत्र छायावादी काव्य की बाजार में कोई पाठ्य पुस्तक और गाइड तक उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार राजनीति शास्त्र और अर्थशास्त्र की तीन-तीन पुस्तकें ही बाजार में आ पाई हैं।
इधर, महाविद्यालय के प्राचार्य डा. पीएस जगवाण भी स्वीकारते हैं कि बिना पाठ्य पुस्तकों के नोट्स बनाने में दिक्कत होती है। अलबत्ता पाठ्यक्रम के अनुसार क्लास टीचिंग पूरी हो चुकी है, जिससे परीक्षार्थियों को पूरी मदद मिलेगी।