रुद्रप्रयाग। इस बार की केदारनाथ यात्रा जल संस्थान के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इस वर्ष हुई भारी बर्फबारी के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर पुरानी पेयजल योजना को भारी क्षति पहुंची है। जल संस्थान केदारनाथ पैदल मार्ग पर नई पाइप लाइन डालकर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की कार्रवाई कर रहा है।
आगामी 9 मई से केदारनाथ व 10 मई से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के कपाट खुलने वाले है। धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को 19 किमी लंबा पैदल सफर तय करना पड़ता है। पैदल मार्गों पर श्रद्धालुओं को प्यासा न रहना पड़े इसके लिए जगह-जगह पर स्टैंड पोस्ट बनाए गए है। बर्फबारी से पैदल मार्ग पर पाइप लाइन को खासा नुकसान पहुंचा। अब पंच केदारों की चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है ऐसे में जल संस्थान भी तैयारियों में जुट गया है। जल संस्थान केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव सीतापुर, सोनप्रयाग व गौरीकुंड तक पेयजल सुचारु करने की बात कर रहा है। जबकि मुख्य पड़ाव गुप्तकाशी में पेयजल संकट पैदा न हो इसके लिए गुप्तकाशी कस्बे के ऊपरी छोर में एक प्राकृतिक स्रोत को टेप कर अस्थाई रुप से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जो यात्रा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण है। इधर, दूसरी ओर तृतीय केदार तुंगनाथ धाम में करीब 3 किमी लंबे पैदल मार्ग पर अभी तक कोई स्थायी योजना नहीं बन पाई है। अस्थाई योजना के जरिए ही श्रद्धालुओं को पेयजल आपूर्ति करनी पड़ती है।
क्या कहते है अधिकारी
सीतापुर से गौरीकुंड तक पेयजल सुचारू कर दिया गया है। पैदल रास्तों में स्टैंड पोस्ट व टंकियों पर कार्य चल रहा है। जबकि तुंगनाथ पैदल मार्ग पर भी पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई जा रही है। तीन अप्रैल तक पूरे पैदल मार्ग पर समुचित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
संजय सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान रुद्रप्रयाग।
इन क्षेत्रों में शुरू होने लगा पेयजल संकट
केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, भीरी, गुप्तकाशी, ऊखीमठ समेत अन्य स्थानों पर गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट पैदा हो जाता है। श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। जबकि स्थानीय व्यापारियों व लोगों को भी पेयजल आपूर्ति के लिए खासी जद्ददोजहद करनी पड़ती है।