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पहले चरण में रुद्रप्रयाग के पांच गांवों के 56 परिवारों का होगा विस्थापन

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रुद्रप्रयाग। जिले में पुनर्वास के लिए चिह्नित 23 गांवों के 472 परिवारों में से पहले चरण में 56 परिवारों का पुनर्वास किया जाएगा। शासन से इस कार्य के लिए 2 करोड़ 37 लाख, 70 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत हो गई है। जल्द इन परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
16/17 जून 2013 की केदारनाथ आपदा के बाद प्रशासन ने राजस्व विभाग और भू-वैज्ञानिकों से प्रभावित गांवों का सर्वे कराया था। तीन चरणों में हुए सर्वे के आधार पर अंतिम सूची में जिले के 23 गांवों के 472 परिवारों को अति संवेदनशील मानते हुए पुनर्वास के लिए चिह्नित किया गया था। शासन स्तर पर चिह्नित गांवों को श्रेणी में बांटा गया है, जिसके तहत अब अति संवेदनशील गांवों का पहले चरण में पुनर्वास किया जाना है। इसके तहत पहले अति संवेदनशील ग्राम पंचायत पांजणा के 14, कविल्ठा के 7, सेमी तल्ला के 29, कुणजेठी के 4 और जाल तल्ला के 2 परिवारों का पुनर्वास किया जाना है। इन परिवारों को उन्हीं की अन्यत्र सुरक्षित भूमि पर बसाया जाएगा। पुनर्वास की सूची में शामिल 472 परिवारों में 411 परिवारों को उनकी ही सुरक्षित भूमि में बसाया जाएगा जबकि शेष 61 परिवारों को सरकारी 46 नाली भूमि पर बसाया जाएगा। शासन की ओर से प्रति परिवारों को 3.5 लाख रुपये दिए जाने हैं, जिससे ये परिवार अपने नए घरों में लिए बिजली, पानी, रास्ता सहित मूलभूत सुविधाएं जुटाएंगे।
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जिले में पुनर्वास के लिए चिह्नित गांव
पांजणा, जैली, मूसाढूंग (सुनाई तोक), कालीमठ, कुणजेठी, जागतल्ला, बलसुण्डी, बीरोंदेवल खालीतोक, सेमी तल्ली दैड़ा, सिल्लाबमणगांव, चमराड़ा, गिरिया, कविल्ठा, ऊखीमठ, नागजई (जाख तोक), टेमरिया वल्ला, दिलमी, टाटलग्गा फेगू, डमार, मलाऊं, कुंडा दानकोट (धोकाणी तोक) और छांतीखाल।
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कोट
चिह्नित गांवों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुनर्वास के लिए शासन से धनराशि भी जारी हो चुकी है। - मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग।
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