रुद्रप्रयाग। जनपद में पर्यटन और तीर्थाटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रशासन और पर्यटन विभाग ने संयुक्त रूप से ‘हमारू केदार’ नाम से पत्रिका का प्रकाशन किया है। इसमें जनपद के रमणीक स्थलों से लेकर प्राचीन मठ-मंदिरों की जानकारी फोटो सहित संजोने का प्रयास किया गया है।
भगवान केदारनाथ के दर्शनों के लिए प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन इनमें से मात्र 2 फीसदी ही द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ धाम पहुंच पाते हैं। जबकि अन्य प्राचीन मठ-मंदिरों व पर्यटक स्थलों के बारे में किसी को जानकारी भी नहीं है। ऐसे में ये स्थल आज भी तीर्थाटन से अछूते हैं। इन स्थानों पर भी देश-विदेश के श्रद्धालु व पर्यटक अच्छी तादाद में पहुंचे, इसके लिए जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग ने हमारू केदार नाम से पत्रिका का प्रकाशन किया है। विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, मंदिर समूह नारायणकोटी व नौ ग्रह मंदिर, मंदिर समूह सिल्ला, नाला का स्तूप, तुंगनाथ फलासी, दुर्गा मंदिर फेगू सहित कालीमठ, हरियाल डांडा, गौरी माई मंदिर गौरीकुंड, त्रियुगीनारायण, श्रीगणेश मंदिर मुनकटिया के अलावा जनपद में मौजूद प्राचीन मंदिरों की फोटो व जानकारी दी गई है। साथ ही मिनी स्विट्जरलैंड दुगलबिट्टा-चोपता, खांम बुग्याल चौमासी, मनणी बुग्याल सहित विभिन्न पर्यटकों स्थलों को संजोया गया है। डीएम मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि पत्रिका के माध्यम से जनपद के अछूते मठ, मंदिरों और पर्यटक स्थलों तक श्रद्धालुओं व पर्यटकों को पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
लोक संस्कृति और स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पत्रिका का नाम गढ़वाली में रखा गया है। यह पत्रिका जनपद में तीर्थाटन व पर्यटन को बढ़ाने देने में मददगार साबित होगी।
--- सुशील नौटियाल, जिला पर्यटन अधिकारी, रुद्रप्रयाग