ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर शनिवार को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान हो जाएंगे। अगले छह माह अब यहीं उनकी पूजा होगी। आराध्य के आगमन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। बीकेटीसी ने मंदिर को भव्य रूप से सजाया है।
शुक्रवार को राकेश्वरी मंदिर रांसी में मद्महेश्वर भगवान की चल विग्रह डोली की मुख्य पुजारी राजशेखर लिंग ने विशेष पूजा की। भगवान को भोग लगाकर आरती की गई। इस मौके पर ग्रामीणों ने आराध्य की पूजा-अर्चना कर घर-परिवार की सुख-समृद्धि की मनौतियां मांगी। इसके बाद प्रात: 8 बजे भगवान की डोली ने मंदिर की परिक्रमा कर शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर के लिए प्रस्थान किया। इसके बाद आराध्य की डोली उनियाणा, राउंलैंक, जुगासू और बुरूआ होते हुए दोपहर बाद मनसूना पहुंची, जहां भक्तों ने पुष्प-अक्षत के साथ स्वागत कर पगड़ी पहनाई। इसके बाद यहां से करीब तीन किमी का सफर तय करते हुए बाबा की डोली शाम चार बजे भक्तों के हुजूम के बीच गिरिया गांव पहुंची, जहां पूर गांव और क्षेत्र भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।
सांस्कृतिक संध्या का आयोजन
भगवान मद्महेश्वर के डोली आगमन पर मद्महेश्वर घाटी के ग्रामीणों द्वारा मनसूना बाजार में सांस्कृतिक संध्या आयोजित की गई। कलाकारों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।