रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के तल्लानागपुर के ग्राम पंचायत स्यूंड में वैदिक पूजा-अर्चना के साथ पांडव नृत्य शुरू हो गया। आगामी 4 दिसंबर तक चलने वाले अनुष्ठान में महाभारत पर आधारित घटनाओं का वाद्य यंत्रों की थाप पर गायन के जरिए पश्वा मंचन करेंगे।
पंचायती चौक में वाण पूजा के बाद पुजारियों ने पांच पांडवों का आह्वान किया। ढोल, दमाऊं की थाप पर पांडव अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने पांडवों को सामूहिक अर्घ्य लगाकर पूजन किया। दूसरी तरफ ग्राम पंचायत तिलणी में 26 नवंबर से पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति के अध्यक्ष रघुवीर सिंह कठैत व सरपंच रामदयाल सिंह नेगी ने बताया कि तीन वर्षों के उपरांत हो रहे आयोजन में 28 को वाण पूजन, 29 नवंबर को वाणों के साथ पांडव नृत्य शुरू होगा।
ढोल दमाऊं की थाप पर किया देवनृत्य
कर्णप्रयाग/नंदप्रयाग। ब्लाक के डोंठला गांव में आयोजित पांडव नृत्य देखने के आसपास के गांवों से श्रद्धालुओं की भीड़ जुट रही है। 20 नवंबर से पांच दिवसीय पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर बाद शुरू हुए पांडव नृत्य में युद्धिष्ठर, भीम, अर्जुन, नकुल, सहदेव के अलावा द्रोपदी के पश्वाओं ने पांडव चौक में ढोल दमाऊं की थाप पर देवनृत्य किया। श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने पांडवों की पूजा कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन में गनोली, मोली, रवेंठा, दोगड़ी, सिलंगी, सेंज, कांचुला, मैखुरा आदि गांवों के लोग पहुंच रहे हैं। ग्राम प्रधान अनीता देवी ने बताया कि शुक्रवार को पांडव गंगा स्नान करेंगे, जबकि शनिवार को पांडव नृत्य का समापन होगा।
दूसरी ओर नंदप्रयाग में ग्राम पंचायत मासौं में आयोजित पांडव नृत्य में पांडव परिवार ने अस्त्र-शस्त्रों के साथ घर-घर जाकर भक्तों की कुशलक्षेम पूछीं। यहां 14 वर्षों के बाद पांडव नृत्य का आयोजन किया जा रहा है। पांडव परिवार प्रतिदिन ढोल-दमाऊं की थाप पर जागरों के साथ नृत्य कर रहे हैं। पांडव नृत्य समिति के अध्यक्ष जयकृत सिंह ने बताया कि इस पौराणिक आयोजन में शामिल होने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इस मौके पर दर्शन सिंह, मोहन सिंह, सोहन, प्रदीप सती और अब्बल सिंह आदि मौजूद थे।