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द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, आज रांसी पहुंचेगी डोली

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ऊखीमठ। द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट बृहस्पतिवार को प्रात: 8.30 बजे विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। भगवान मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव गौंडार गांव पहुंची। गांव में भक्तों ने आराध्य का भव्य स्वागत कर सामूहिक अर्घ्य लगाया। 25 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में विराजमान होगी। शुक्रवार को डोली रात्रि प्रवास के लिए दूसरे पड़ाव रांसी गांव पहुंचेगी।
मद्महेश्वर धाम में तड़के 4 बजे से पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। मुख्य पुजारी शिव शंकर लिंग द्वारा भगवान मद्महेश्वर का श्रृंगार कर उन्हें भोग लगाया गया और आरती उतारी गई। इसके बाद फूल, अक्षत व अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान के स्वयंभू लिंग को समाधि रूप दिया गया। भोग मूर्तियों को चल विग्रह डोली में विराजमान किया गया। प्रात: 8.30 बजे मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद किए गए। भगवान की डोली ने मंदिर की परिक्रमा करते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान किया। इस मौके पर 155 श्रद्धालु धाम में मौजूद थे।
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नानू, खटरा होते हुए प्रात: 10.30 बजे भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली बणतोली पहुंची। यहां स्थानीय ग्रामीणों ने देवता को अर्घ्य लगाया। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय गौंडार के छात्र-छात्राओं ने डोली का स्वागत किया। स्कूली बच्चों के जयकारों के साथ बाबा मद्महेश्वर की डोली पूर्वाह्न 11.30 बजे गांव के पंचायती चौक में पहुंची। देर शाम को भगवान की आरती उतारी गई, जिसमें ग्रामीण एवं भक्त शामिल हुए। स्कूली बच्चों ने धार्मिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली ने बताया कि डोलीआगमन यात्रा में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इस मौके पर डोली प्रभारी अनूप पुष्पवाण, मृत्युंजय हीरेमठ, बबलू जंगली, खुशाल सिंह नेगी, देवानंद गैरोला, भगवती शैव, राजीव भट्ट, सुनील सिद्ध, संदीप बर्त्वाल सहित कई भक्त मौजूद थे।
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अपने पात्रों का किया निरीक्षण
ऊखीमठ। भगवान मद्महेश्वर ने धाम के कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर परिसर में अपने पात्रों का निरीक्षण किया। डोली में विराजमान द्वितीय केदार ने मंदिर की परिक्रमा के दौरान मंदिर में मौजूद सभी ताम्र पात्रों को देखा। विदित हो कि कपाट खुलने के दौरान भी भगवान अपने पात्रों का निरीक्षण करते हैं। ब्यूरो
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