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एक माह में प्रार्थी को 624726 रुपये बीमा क्लेम के दे इंशोरेंस कंपनी

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रुद्रप्रयाग। जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने कार दुर्घटना के मामले में एक निजी बीमा कंपनी को बीमा क्लेम के रूप में 6,24,726 रुपये की धनराशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ एक माह में भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
जिले के ग्राम रतूड़ा निवासी योगंबर सिंह की ओर से अधिवक्ता रामकृष्ण नौटियाल द्वारा क्षतिपूर्ति का वाद जिला फोरम में दायर किया गया था। वादी के अनुसार उसने 15 अक्तूबर 2016 को हुंडई असेंट कार 7,35,349 रुपये में खरीदी थी। तभी फ्यूचर जनरली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी, देहरादून से कार का बीमा भी कराया गया, जो 14 अक्तूबर 2017 तक मान्य था। इसी बीच 19 अक्तूबर 2016 को रतूड़ा में कार दुर्घटनाग्रस्त होकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। कार स्वामी द्वारा 27 अक्तूबर 2016 को बीमा क्लेम के लिए आवेदन किया गया तो बीमा कंपनी ने यह कहकर आवेदन खारिज कर दिया कि घटना के दिन वाहन का पंजीकरण नहीं था, जबकि विक्रेता कंपनी की ओर से वाहन के पंजीकरण के लिए पहले ही आवेदन किया जा चुका था और 20 अक्तूबर को अस्थाई पंजीकरण हो भी गया था।
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मामले में जिला उपभोक्ता संरक्षण फोरम ने सात अक्तूबर को अपना फैसला सुनाया। फोरम के अध्यक्ष एवं जिला जज हरीश कुमार गोयल ने पूरी बहस सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अपने फैसले में कहा कि बीमा कंपनी का तर्क स्वीकार योग्य नहीं है। दस्तावेजों से स्पष्ट है कि क्रेता द्वारा वाहन खरीदते वक्त ही पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए शुल्क भी अदा किया गया है। जिला जज ने बीमा कंपनी के प्रबंधक को परिवादी को परिवाद प्रस्तुत करने की तिथि से छह प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ बीमा राशि 6,24, 726 रुपये का भुगतान करने और 2000 रुपये वाद व्यय के रूप में अदा करने के आदेश दिए। सुनवाई के दौरान फोरम के सदस्य जीतपाल सिंह कठैत व गीता राणा भी मौजूद थे।
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