फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घोषणाओं तक सिमटा केदारनाथ का मुख्य पड़ाव गौरीकुंड

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
रुद्रप्रयाग। आपदा के चार वर्ष बाद भी केदारनाथ यात्रा के मुख्य पड़ाव गौरीकुंड की सुरक्षा, सौंदर्य को लेकर योजना तक नहीं बन पाई है। नमामि गंगे के कार्यों का शिलान्यास हुए डेढ़ वर्ष बीत चुका है, लेकिन एक नया पत्थर कस्बे में नहीं लग पाया है।
विज्ञापन

बाबा केदार की यात्रा में भोर से लेकर रातभर जगा रहने वाला गौरीकुंड आपदा के बाद से हाशिए पर चला गया है। भले ही बीते दो वर्षो से यहां पर यात्राकाल में रौनक लौटी है। लेकिन आज भी, यहां पर सुरक्षा के इंतजाम नहीं हो पाए हैं। हालात इस कदर दयनीय हैं कि गौरीकुंड की पहचान तप्तकुंड तक की सुध नहीं ली गई है। मंदाकिनी नदी किनारे प्लास्टिक के पाइपों के सहारे गर्म पानी बह रहा है, जिसके चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। यहीं नहीं, बीते वर्ष केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कस्बे का निरीक्षण कर नमामि गंगे में तप्तकुंड के संरक्षण और कस्बे की सुरक्षा के लिए 20 करोड़ के इस्टीमेट बनाने की बात कही थी, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ है। प्रधान राकेश गोस्वामी का कहना है कि बीते चार वर्षों में कस्बे की सुरक्षा और सुंदरीकरण के लिए सिर्फ कोरी घोषणाएं हुई हैं। आज भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। उन्होंने आगामी यात्रा से पूर्व गौरीकुंड में तप्तकुंड का संरक्षण कर वास्तविक स्वरूप में लाने और मंदाकिनी नदी किनारे सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें