गुप्तकाशी। गौरीकुंड में गौरी माई मंदिर के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अब, छह माह तक आराध्य की पूजा गौरी गांव में होगी।
शनिवार को प्रात: 8 बजे पूजा के साथ मुख्य पुजारी विश्वेश्वर प्रसाद जमलोकी ने मां गौरी को भोग लगाया। इसके बाद मठापति सम्पूर्णानंद ने संकल्प पूजा कर कपाट बंद करने की प्रक्रिया पूरी की। देवी की मूर्ति को डोली में विराजमान किया गया। इसके बाद बाजार होते हुए आराध्य मां गौरी माई की डोली प्रात: 10 बजे गौरी गांव पहुंची। जहां ग्रामीणों ने जागर और गीतों के साथ आराध्य का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी, सरपंच नरोत्तम प्रसाद गोस्वामी, व्यापार संघ अध्यक्ष कुलानंद गोस्वामी, अनूप गोस्वामी और नरेंद्र प्रसाद आदि मौजूद थे।