लगातार बारिश संपर्क मार्गों पर भारी पड़ रही है। जिले में 27 संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। इस कारण 80 से अधिक गांवों का तहसील, ब्लाक व जिले से संपर्क कट गया है। कई मार्ग करीब एक महीने से बंद हैं।
संपर्क मार्गो के बंद होने से गांवों में जरूरी सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। स्थिति यह है कि ग्रामीणों व स्कूली बच्चों को कई मील पैदल चलना पड़ रहा है। गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी मार्ग के बंद होने से पूरी कालीमठ घाटी ऊखीमठ और गुप्तकाशी से कटी हुई है।
ग्रामीण पांच से नौ किमी पैदल चलकर अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। मयाली-गुप्तकाशी मार्ग से जुड़े 30 से अधिक गांवों की भी यही स्थिति है। रैंतोली-जसोली और जखनोली-कुरछोला मार्ग एक माह से बंद हैं। इन मार्गों से जुड़े 10 से अधिक ग्राम पंचायतों की करीब छह हजार की आबादी राशन, सब्जी, केरोसीन, रसोई गैस सहित अन्य जरूरतों के लिए जूझ रही है। भीरी-परकंडी मार्ग सात दिन से बंद है। संपर्क मार्गों के बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं। वाहन स्वामियों को भी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। कई वाहन तो मार्गों पर फंसे हैं।
जिले में बंद संपर्क मार्ग
जखनोली-कुरछोला, बुघाणी-मयकोटी, खांकरा-छातीखाल, विजयनगर-तैला, मयाली-रणधार, दुर्गाधार-बावई, मयाली-गुप्तकाशी, गुप्तकाशी-कालीमठ-जाल-चौमासी, बांसबाडा-कर्णसिल-चंद्रनगर-मोहनखाल, भीरी-परकंडी, विजयनगर-पठालीधार, विनोवाधार-स्यूंर, गोरपा-सिरवाडी, रैंतोली-जसोली, कुसुमगाढ-सुरसाल, सल्या-तुलंगा, पठाली-पलद्वाडी, स्यूणी-टैंठी-पाटा, बलसुंसडी-अखोडी, सणगू-सारी, रांसी-तलसारी, नारी, द्यूलाधसारबैंड-गणेशनगर, मोहनखाल-क्यूंजा, जलई-सुरसाल, लमगौंडी-देवलीभणिग्राम, कोलूबैंड-स्वांरीग्वांस और फाटा-जामू संपर्क मार्ग।