दो जिले के फेर में फंसी खेड़ाखाल-डुंगरीपंथ संपर्क सड़क का शुरुआती दो किमी बदहाल बना हुआ है। डेंजर जोन होने से यहां छोटे वाहनों का संचालन भी बमुश्किल हो रहा है। बावजूद शासन, प्रशासन व विभाग द्वारा सुध नहीं ली जा रही है। जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन व विभाग ने मार्ग सुधार की मांग की है।
वर्ष 1997 में रुद्रप्रयाग जिला बनने से 18 किमी सड़क का दो किमी खेड़ाखाल से सुनाऊं बैंड तक जिले में आ गया। सुनाऊं बैंड से डुंगरीपंथ तक 16 किमी पूर्ववत पौड़ी जनपद में है। यह मार्ग पट्टी बच्छणस्यूं और चलणस्यूं के 40 से अधिक गांवों का संपर्क मार्ग है।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद शासन स्तर पर मार्ग को सिरोहबगड़ के विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए, लेकिन मार्ग का चौड़ीकरण, डामरीकरण डुंगरीपंथ से सुनाऊं बैंड तक ही किया गया। जिस कारण दो किमी क्षेत्र बदहाल है। यह हिस्सा देखरेख और सुधार के अभाव में पैदल मार्ग भी खस्ताहाल हो गया है।
मार्ग सुधारीकरण के लिए क्षेत्रीय जनता पूर्व कैबिनेट मंत्री मातबर सिंह कंडारी से लेकर डा. हरक सिंह रावत और गढ़वाल सांसद बीसी खंडूरी से गुहार लगा चुकी है। इधर, ग्राम पंचायत बंगोली के प्रधान गजेंद्र सिंह रौथाण, नवासू के प्रधान भूपति सिंह रौथाण, निषणी के प्रधान बंटी लाल ने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सहित लोक निर्माण विभाग से दो किमी मार्ग के सुधारीकरण की मांग की है।
हमारे पास शुरुआती दो किमी मार्ग है। इसके सुधारीकरण के लिए जल्द प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो सर्दियों से पूर्व भरान कर समतलीकरण व डामरीकरण कर दिया जाएगा।
-इंद्रजीत बोस, ईई लोनिवि प्रांतीय खंड रुद्रप्रयाग