ऊखीमठ। वन पंचायत उषाड़ा और वन पंचायत मक्कू के सरपंचों पर कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने शुक्रवार को दोनों सरपंचों से पूछताछ कर वन पंचायत संबंधी दस्तावेज वापस ले लिए है।
शुक्रवार को प्रशासन द्वारा दोनों पंचायतों के सरपंच को दस्तावेज के साथ तहसील बुलाया गया। यहां, एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने वन पंचायत से संबंधित दस्तावेजों की जांच की। साथ ही दोनों सरपंचों से कई सवाल पूछे। एसडीएम ने बताया कि चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड में अवैध अतिक्रमण के जितने भी मामले हैं, उसमें से अधिकांश दोनों वन पंचायत क्षेत्रों में हैं। वन पंचायत सरपंचों द्वारा अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए अपने स्तर न तो कोई प्रयास किए गए और न इस संबंध में प्रशासन को अवगत कराया गया। दस्तावेजों की जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी। इसके बाद संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड में वन पंचायत क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के प्रति की गई लापरवाही पर डीएम ने बीते 22 जून को वन पंचायत सरपंच उषाड़ा व मक्कू को नोटिस भेजा था।