रुद्रप्रयाग। जवाड़ी के समीप रुद्रप्रयाग वन प्रभाग उप वन संरक्षण आवास परिसर को भूस्खलन से खतरा पैदा हो गया है। यहां लगातार मिट्टी दरक रही है। साथ ही अलकनंदा नदी के तेज बहाव से भू-कटाव हो रहा है। इस समस्या से रुद्रप्रयाग बाईपास का काफी हिस्सा धंसाव जोन में आ गया है।
वर्ष 2013 की आपदा के बाद जवाड़ी गांव के नीचे वाला क्षेत्र भूस्खलन व भू-धंसाव की दृष्टि से अति संवेदनशील बना हुआ है, लेकिन ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत रुद्रप्रयाग बाईपास के चौड़ीकरण निर्माण से स्थिति और खराब हो गई है। कार्यदायी संस्था की ओर से मशीनों से मिट्टी काटकर सड़क चौड़ीकरण किया गया है, जिससे रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के उप वन संरक्षक (डीएफओ) के आवास को खतरा पैदा हो गया है। एनएच की ओर से बाईपास के चौड़ीकरण में आवास के बाहर बनी सुरक्षा दीवार को भी तोड़ दिया गया है। ऐसे में यह क्षेत्र भूस्खलन व भूधंसाव की दृष्टि से संवेदनशील हो गया है। पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल, जोत सिंह बिष्ट आदि का कहना है कि आपदा के बाद से प्रभावित क्षेत्र के स्थायी ट्रीटमेंट की मांग हो रही है, लेकिन सुध नहीं ली जा रही है। इधर, एनएच के ईई प्रवीन कुमार ने बताया कि ऑल वेदर रोड में बाईपास व हाईवे चौड़ीकरण कटिंग पूरी होने के बाद सुरक्षा दीवार का कार्य होना है। डीएफओ मयंक शेखर झा का कहना है कि ऑल वेदर रोड परियोजना के नाम पर एनएच की ओर से बिना अनुमति के आवासीय परिसर की सुरक्षा दीवार को क्षति पहुंचाई गई है। मार्च में संबंधित विभागाध्यक्ष को पत्र भी दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला है। इस संबंध में डीएम को भी पत्र भेजा गया है।