रुद्रप्रयाग। विकासखंड जखोली के दो गांवों के कुछ ग्रामीणों द्वारा दुर्लभ वन्य जीव के अवैध शिकार मामले में तीन दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग के हाथ खाली हैं। वहीं दूसरी तरफ, बजीरा गांव के पांच ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ पुलिस चौकी मयाली में शिकायती पत्र दिया है, जिसमें डराने-धमकाने का आरोप लगाया है।
उप प्रभागीय वनाधिकारी महिपाल सिंह सिरोही के नेतृत्व में जांच टीम तीन दिनों से दोनों गांवों के अलग-बगल पूरा खंगाल चुकी है, लेकिन अभी तक विभाग के हाथ ठोस सुराग हाथ नहीं लग पाए हैं। बीते बृहस्पतिवार को कुछ जगहों पर वन्य जीव जो मल व खून मिला था, उसे फारेंसिक जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट देहरादून भेजा जा रहा है। वहीं शुक्रवार को बजीरा गांव के जीत सिंह, सुग्रीव सिंह, बसंत सिंह, महावीर सिंह और केदार सिंह ने मयाली चौकी पहुंचकर वन विभाग पर जांच के नाम पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने शिकायती पत्र भी दर्ज कराया है। ग्रामीणों ने विभाग पर डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। सहायक चौकी प्रभारी मकान सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के शिकायती पत्र को दर्ज कर दिया गया है। इधर, डीएफओ मयंक शेखर ने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार मामले में जांच में जुटी है। दोनों गांव के करीब 25 से अधिक लोगों से अभी तक मामले में पूछताछ की जा चुकी है। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया।