रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रविवार को केदारनाथ धाम में सोलर पावर पैक (सोलर ब्रीफकेस) की लॉचिंग की। यह उपकरण तीन घंटे चार्ज होने पर 300 घंटे तक बिजली आपूर्ति दे सकता है। उपकरण को हंस कल्चरल एवं हंस फाउंडेशन ने श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को धाम के लिए समर्पित किया है।
रविवार को प्रात: 10 बजे सीएम रावत पत्नी के साथ धाम पहुंचे। उन्होंने भोले जी महाराज और माता मंगला के साथ बाबा केदार के दर्शन कर रुद्राभिषेक पूजा की। इसके बाद आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हंस कल्चरल सेंटर एवं हंस फाउंडेशन की मदद से सोलर ब्रीफकेस की लॉंचिंग की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में विद्युतविहीन गांवों को हंस फाउंडेशन के सहयोग से बिजली से रोशन किया जाएगा। उन गांवों को ये पावर पैक दिए जा रहे हैं, जहां बिजली नहीं पहुंच पा रही है। इस पावर पैक से दो गांवों का विद्युतीकरण कर दिया गया है। प्रदेश में 47 गांव अभी भी बिजली से अछूते हैं, जिसका प्रमुख कारण वनाधिनियम और नेशनल पार्क के क्षेत्र में बसासत का होना है, लेकिन अब इन गांवों को भी बिजली मिल सकेगी।
हंस फाउंडेशन की प्रेरणास्रोत मंगला माता ने कहा कि पहला सोलर पावर बाबा को अर्पित करते हुए इस कार्य की शुरुआत की जा रही है। यह पावर पैक तीन घंटे में चार्ज होकर 300 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। इससे बल्ब, पंखा, टेलीविजन को आसानी से चलाया जा सकता है। सोलर पावर पैक के जरिए सरकार अब 2019 तक राज्य के हर घर तक बिजली पंहुचाने के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। इस मौके पर हंस की चेयरपर्सन श्वेता रावत, ट्रस्टी मनोज भार्गव, विधायक भरत सिंह चौधरी, नगर पंचायत अध्यक्ष अशोक खत्री, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, पुलिस अधीक्षक पीएन मीणा प्रहलाद नारायण मीणा, दिनेश उनियाल सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
तीर्थ पुरोहितों ने सौंपा ज्ञापन
रुद्रप्रयाग। केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में तीर्थ पुरोहित समाज ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को केदारनाथ विकास प्राधिकरण को वापस लिए जाने, केदारनाथ तक सड़क निर्माण, वंचित तीर्थ पुरोहितों को अहेतुक राशि देने, तीर्थ पुरोहितों के भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने सहित 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
हर तरह से स्मार्ट होगी नई केदारपुरी
रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि 16/17 जून 2013 की आपदा में केदारपुरी में व्यापक तबाही हुई थी। इसलिए इस क्षेत्र को पुन: बसाने के लिए नई केदारपुरी की योजना तैयार की गई है। इसके लिए उन्हीं स्थानों पर नए भवन बनाए जा रहे हैं जहां स्थानीय लोगों के पुराने भवन बने थे। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साम्रगी से नए आकर्षित व पहाड़ी शैली में खूबसूरत भवन तैयार किए जाएंगे। नई केदारपुरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ ही सभी मूलभूत सुविधाओं को विकसित किया जाएगा, जिससे यह हर तरह से स्मार्ट होगी।