रुद्रप्रयाग। चमोली जनपद के देवाल गांव निवासी एसडीएम मुक्ता मिश्र ने जरूरतमंदों की मदद के लिए सिविल सेवा को चुना है। मुक्ता की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर में हुई। इसके बाद वे पिता के साथ वे बरेली चलीं गईं।
एसडीएम मुक्ता बताती हैं कि पिता भी सिविल सेवा में बतौर इंडियन पोस्टल सर्विसेज चयन (आईपीओएस) थे। इसलिए उन्होंने भी सिविल सेवा में करियर को चुना। इसके बाद वर्ष 2014 में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा में महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त कर मुक्ता वर्ष 2015 में बतौर उप जिलाधिकारी के रूप में बड़कोट तहसील में नियुक्त हुई। उनका मानना है कि महिलाओं के उत्थान, कल्याण और सहयोग के लिए संचालित योजनाओं को बेहतर तरीके से क्रियान्वयन करना है। साथ ही बालिकाओं व छात्राओं को बेहतर शिक्षा व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंतर प्रेरित करना है। उप जिलाधिकारी मुक्ता का कहना है कि मेहनत के साथ-साथ आत्मविश्वास होना जरूरी है, जिससे सफलता हासिल हो।