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आज, 11 जलकलशों से होगा मां हरियाली देवी का जलाभिषेक

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रुद्रप्रयाग। पट्टी बच्छणस्यूं के नवासू गांव में हरियाली जात के आठवें दिन भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस मौके पर हजारों देवी भक्तों ने मां हरियाली के दर्शन किए और भेंट अर्पित की। नौ दिवसीय जात बुधवार को महायज्ञ के साथ संपन्न हो जाएगी।
मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे ढोल-दमाऊ और मशकबीन की धुन के साथ श्रद्धालु दो किमी पैदल चलकर प्राचीन गडोनी कुंड पहुंचे। यहां हवन-यज्ञ और देव नृत्य के बाद 11 कलशों में कुंड का जल भरकर मंदिर तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। अपराह्न 2 बजे मंदिर में देव नृत्य शुरू। मां राजराजेश्वरी और हरियाली अपने पश्वा पर अवतरित हुई और भक्तों को आशीर्वाद दिया। इसके बाद हीत, घंडियाल, नृसिंह, नागराजा, बिनसर, कालिंका और मां मैठाणा सहित अन्य ईष्ट देवता अपने-अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए। श्रद्धालुओं ने इस दौैरान देवी-देवताओं से घर-परिवार की सुख-समृद्धि की मनौती मांगी। इसके बाद ध्याणियों को भेंट अर्पित की गई। शाम को महिला मंगल दल की ओर से भजन कीर्तन का आयोजन किया गया।
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आयोजन समिति के अध्यक्ष व पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह रौथाण, कोषाध्यक्ष बीरेंद्र सिंह रौथाण, महामंत्री धीरेंद्र सिंह रौथाण ने श्रद्धालुओं से आयोजन के समापन पर अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। समापन पर ध्याणियों को श्री-संवाद भी भेंट कर भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाएगा। इसके बाद मां हरियाली देवी की डोली मंदिर से प्रस्थान कर अगली जात तक अपने थान धारकोट में विराजमान हो जाएंगी।
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गहड़ गांव के देवता भी हुए शामिल
हरियाली जात में गहड़ गांव के देवी-देवता भी शामिल हुए। दोपहर को पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ अपने गांव से देवता श्रद्धालुओं के जयकारों के साथ हरियाली मंदिर पहुंचे। यहां समिति के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद मां हरियाली का आशीर्वाद प्राप्त कर देवता पश्वाओं पर अवतरित हुए।
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