रुद्रप्रयाग। बर्फबारी से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हो चुका है। 17 किमी रास्ते पर गौरीकुंड से धाम तक बिजली लाइनें व पोल सहित पेयजल लाइन और जीएमवीएन की हट्स भी क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो आगामी यात्रा तैयारियों को समय पर पूरा करना शासन, प्रशासन और विभागों के लिए चुनौती से कम नहीं होगा।
बीते 21 जनवरी से 7 फरवरी के बीच केदारनाथ धाम सहित पैदल मार्ग पर कई बार भारी से भारी बर्फबारी हो चुकी है। धाम में अब भी आठ फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। पैदल मार्ग पर गौरीकुंड के समीप फोल्डिंग पुल का एक हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। रामबाड़ा से रुद्रा प्वाइंट तक डीडीएमएम (लोनिवि) द्वारा रास्ते के किनारे पर सुरक्षा के लिए लगाई गई अधिकांश रेलिंग भी ध्वस्त हो गई हैं। इसके अलावा लिनचोली में गढ़वाल मंडल विकास निगम की चार हट्स भी क्षतिग्रस्त पड़ी हैं। जंगलचट्टी से केदारनाथ तक ऊर्जा निगम के नौ पोल और विद्युत तारें जगह-जगह पर टूटी पड़ी हैं। निगम द्वारा बीते दिनों मरम्मत कर, भीमबली तक बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई थी, लेकिन पुन: भारी बर्फबारी से विद्युत पोल व तारें टूट गई हैं। बर्फ से पैदल रास्ते को भी नुकसान पहुंचा है। डीडीएमए के अधिकारियों ने बताया कि पैदल मार्ग पर भारी बर्फबारी के कारण अभी तक क्षति का सही आकलन भी नहीं हो पाया है।
इनका कहना है --
केदारनाथ यात्रा शुरू होने में अभी लगभग ढाई माह से अधिक का समय है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों से मौसम सुधर जाएगा, जिससे क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत के साथ ही तैयारियां भी शुरू कर दी जाएगी। 15 अप्रैल तक हर हाल में तैयारियां पूरी की जाएगी।
-मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग