रुद्रप्रयाग। ऑल वेदर रोड परियोजना में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर 13 पुल बनाए जाएंगे। जबकि सोनप्रयाग में 775 मीटर लंबा एक फ्लाईओवर का भी निर्माण किया जाना है। पुल निर्माण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इन पुलों के निर्माण से पूरे हाईवे पर ड्रेनेज सिस्टम बेहतर होने के साथ ही गांवों की हाईवे से कनेक्टिविटी सहित विभिन्न फायदे होंगे। जबकि फ्लाईओवर बनने से गौरीकुंड तक की पहुंच आसान हो जाएगी।
76 किमी लंबे रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर अगस्त्यमुनि से फाटा करीब 35 किमी के दायरे में 6 पुल बनाए जाने हैं। इन पुलों का स्पान 10 मीटर से 50 मीटर तक है। जबकि 12 किमी कुंड-गुप्तकाशी बाईपास पर 6 पुलों का निर्माण होना है, जिसमें 60 मीटर स्पान का पुल शामिल है, जो मंदाकिनी नदी पर बनाया जाना है। इसके अलावा यहां 10 से 30 मीटर स्पान के पुल हैं। जबकि सौड़ी में 30 मीटर स्पान पुल के लिए एबेडमेंट निर्माण के लिए कटिंग शुरू कर दी गई है। एनएच के अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण का कार्य 50 फीसदी हो चुका है। शेष कार्य के साथ पुलों का निर्माण भी शुरू किया जा रहा है। भारत सरकार के दिशा-निर्देश के तहत कार्यदायी संस्था को अनुबंध के दिन से दो वर्ष में ऑल वेदर रोड को तैयार करना है।
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तीन बाईपास का हो रहा निर्माण
रुद्रप्रयाग। बाजार/कस्बे प्रभावित न हो, इसके लिए रुद्रप्रयाग गौरीकुंड हाईवे पर तीन बाईपास बनाए जा रहे हैं। पहला बाईपास रैंतोली से जखतोली 3.5 किमी का है, जो बदरीनाथ हाईवे को भी लिंक कर रहा है। दूसरा बाईपास अगस्त्यमुनि थाना के पीछे से पेट्रोल पंप तक है और तीसरा बाईपास कांकड़ागाड़-ल्वारा-गुप्तकाशी है, जो 12 किमी लंबा है।
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर चौड़ीकरण के साथ पुस्ता व सुरक्षा दीवार निर्माण का कार्य चल रहा है। राजमार्ग पर 13 पुल और एक फ्लाईओवर बनना है। सौड़ी में पुल निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
-- जितेंद्र कुमार त्रिपाठी, ईई राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड रुद्रप्रयाग
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रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर पुलों के निर्माण से फायदा:
>> पूरे हाईवे पर ड्रेनेज सिस्टम होगा बेहतर
>> बरसाती पानी के पुलों के नीचे से बहने से सड़के नहीं होंगी बंद
>> मंदाकिनी नदी पर कुंड में पुल बनने से दोनों तरफ के गांवों की होगी हाईवे से कनेक्टिविटी
>> छोटे-बड़े पुलों के बनने से अगस्त्यमुनि से फाटा तक हाईवे पर तीखे मोड़ों से मिलेगी निजात
>> 76 किमी हाईवे की दूरी भी 500 मीटर घट जाएगी।
फ्लाईओवर के फायदे:
>> निर्माण से नदी की तरफ सड़क होगी अधिक चौड़ी
>> ऊपरी तरफ पहाड़ी का कटान कम से कम होगा
>> भूस्खलन व भू-धंसाव का खतरा भी नहीं रहेगा।