गंदगी से आचमन करना भी मुश्किल
मंदाकिनी के किनारे खोल रहे स्वच्छ भारत मिशन की पोल
दाह संस्कार को पहुंच रहे लोग हो रहे परेशान
रुद्रप्रयाग। चोराबाड़ी ताल से निकलने वाली मंदाकिनी नदी के किनारे स्वच्छ भारत मिशन की पोल खोल रहे हैं। केदारघाटी के कस्बों में नदी किनारे गंदगी से पटे पड़े हैं। जहां श्रद्धालुओं को आचमन व स्नान तो दूर, खड़ा होना मुश्किल हो रहा है। बावजूद सुध लेने वाला कोई नहीं है।
रुद्रप्रयाग जनपद में मंदाकिनी नदी केदारनाथ, गौरीकुंड, सोनप्रयाग, सीतापुर कुंड, भीरी, चंद्रापुरी, बेडूबगड़, विजयगनर, अगस्त्यमुनि, सिल्ली, तिलवाड़ा आदि क्षेत्रों के लोगों की प्यास बुझाने के साथ उनकी आजिविका में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, लेकिन कस्बों में नदी गंदगी से पटी पड़ी है। हालात इस कदर बदतर हैं कि नदी के किनारों बिखरा कूड़ा-कचरा और गंदगी बिखरी है। इसका खामियाजा केदारघाटी, क्यूंजा घाटी, जखोली ब्लॉक सहित अगस्त्यमुनि ब्लॉक के अन्य गांवों से शवों का दाह संस्कार करने नदी के पैतृक घाटों पर पहुंच रहे ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को शवों के दाह संस्कार में भी दिक्कत हो रही है। लोगों ने बताया कि ऑल वेदर रोड परियोजना में रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे व अन्य कार्यों में लगे मजदूर ही गंदगी फैला रहे हैं। नगर पंचायत अगस्त्यमुनि द्वारा क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के पैतृक घाटों को जाने वाले रास्तों पर गेट लगाकर नदी को साफ-सुथरा रखने का प्रयास किया जा रह है। लेकिन अन्य कस्बों में स्थिति खराब हो रही है।
इनका कहना है --
नदी किनारों को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी निकाय क्षेत्रों सहित स्थानीय लोगों की भी है, जो उपयोग कर रहे हैं। एनएच को पूर्व में भी मजदूरों के लिए शौचालय निर्माण के लिए कहा गया था। जल्द केदारघाटी में मंदाकिनी नदी किनारों का निरीक्षण कर साफ-सफाई के उचित इंतजाम कराए जाएंगे।
--- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग