रुद्रप्रयाग। अब केदारनाथ धाम के पूरे दिनभर के मौसम की हर एक घंटे में सटीक जानकारी मिल सकेगी। धाम में कब कोहरा छाएगा, कब बारिश होगी आदि की जानकारी के साथ ही शीतकाल में बर्फबारी का भी सही आंकड़ा मिल सकेगा। यह मुमकिन होगा आटोमेटिक वेदर स्टेशन की मदद से। मौसम विभाग भारत सरकार, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और विश्व बैंक द्वारा संयुक्त रूप से केदारनाथ में यह वेदर स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। इसके अंतिम सर्वेक्षण के लिए हैदराबाद से इंजीनियरों की टीम धाम पहुंच चुकी है।
केदारनाथ में मौसम का अनुमान लगाना मुश्किल है। 16/17 जून 2013 की आपदा के बाद से यहां मौसम की पुख्ता जानकारी को लेकर सिस्टम स्थापित करने की मांग होती रही है। मार्च 2014 से केदारनाथ के पुनर्निर्माण में जुटे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान द्वारा भी वेदर स्टेशन को जरूरी माना गया था। अब, उत्तराखंड शासन ने इस दिशा में पहल की है। मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और विश्वबैंक के सहयोग से केदारनाथ में आटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किया जाना है। इसके लिए विश्वबैंक की टीम कुछ दिन पूर्व भूमि चयन को लेकर यहां जायजा ले चुकी है। टावर एक निश्चित जगह पर कहां लगाया जाए, इसके लिए टावर/उपकरण निर्माता कंपनी एक्ट्रा माइक्रोवेव लिमिटेड, हैदराबाद के इंजीनियर ने मंगलवार को केदारनाथ में भूमि का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर से लेकर बेस कैंप तक जगह तलाशी। इधर, उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि टीम को निर्देशित किया गया है कि धाम में जहां भी जगह उचित लगती है, वहां टॉवर स्थापित करें। इस संबंध में जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी।
एक-एक घंटे का अपडेट मिलेगा
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में स्थापित होने वाले आटोमेटिक वेदर स्टेशन से धाम में पूरे दिन के मौसम की जानकारी के साथ ही प्रत्येक घंटे का तापमान, आर्द्रता, बारिश, बर्फबारी के बारे में सटीक जानकारी मिलती रहेगी।
केदारनाथ में आटोमेटिक वेदर स्टेशन के लिए बेस कैंप में भूमि का चयन कर दिया गया है। इस बारे में स्थानीय प्रशासन व डीडीएमओ को रिपोर्ट प्रेषित कर टॉवर स्थापित करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
-केएस पुंडीर, इंजीनियर एक्ट्रा माइक्रोवेव लिमिटेड, हैदराबाद