रुद्रप्रयाग। डीएम ने मल्ला नरकोटा की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होने पर जलसंस्थान के एई और जेई का जवाब तलब किया। इसके साथ ही उन्होंने स्वीली-डुंगरी-दरमोला पेयजल योजना का पुनर्गठन के बाद भी जलापूर्ति नहीं होने पर मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। कहा कि जनशिकायतों के प्रति लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीते एक जून से 30 जुलाई तक जनता दरबार, तहसील दिवस व अन्य प्रकार से दर्ज 1523 जनशिकायतों की समीक्षा करते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने विभागों को नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। कहा कि दूरस्थ गांवों के लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाने पड़े, इसके लिए विभागाध्यक्ष व्यवस्था बनाएं। इस दौरान उन्होंने मल्ला नरकोटा की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन की मरम्मत नहीं होने पर जलसंस्थान के एई और जेई का जवाब तलब किया। डीएम ने स्वजल विभाग द्वारा रांसी में 17 लोगों के शौचालय की धनराशि भुगतान का ग्राम प्रधान से सत्यापन कराने को कहा, जिससे पता लग सके कि लाभार्थियों को धनराशि मिली है या नहीं। इसके अलावा पीएमजीएसवाई को गुप्तकाशी-कालीमठ मोटर मार्ग के जग्गी-बगवान में आए दिन बाधित होने पर भी जवाब मांगा। डीएम ने जनपद में निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों के ठेकेदारों को मजदूरों के लिए अनिवार्य रूप से शौचालय निर्माण के आदेश दिए। कहा कि अगर, मजदूर शौचालय का उपयोग नहीं करते तो एसडीएम तत्काल प्रभाव से कार्य रुकवाएं और जिला पंचायत पर जुर्माना लगाए। बैठक में सीडीओ, डीएफओ, सीबीओ सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद थे।