रुद्रप्रयाग। बुधवार को डीएम मंगेश घिल्डियाल ने वन विभाग के प्रभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने फायर सीजन में अभी तक हुई वनाग्नि की घटनाओं की जानकारी मांगी लेकिन कोई अधिकारी/कर्मचारी इसका जवाब नहीं दे पाया। वहीं, प्रभागीय कंट्रोल रूप में भी वनाग्नि से संबंधित न तो कोई प्लान मिला और न यहां तैनात कर्मचारी कुछ बता पाए। पंजिका में भी एक भी वनाग्नि का मामला दर्ज नहंी था। डीएम ने इस पर कर्मियों को फटकार लगाई।
डीएम ने वन विभाग के प्रभागीय कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ मयंक शेखर कार्यालय में नहीं थे। वे साइड पर गए थे। इसके बाद डीएम ने कंट्रोल रूम का जायजा लिया, जिसकी जिम्मेदारी दो दैनिक वेतन भोगी कर्मियों के भरोसे है। डीएम ने उनसे वनाग्नि की घटनाओं के बारे में पूछा तो वे कुछ नहीं बता पाए। इन कर्मियों को यह पता भी नहीं था कि वनाग्नि की सूचना रेंज स्तर से कैसे प्राप्त करनी और जिला आपदा कंट्रोल रूम, पुलिस, जल संस्थान और अग्निशमन को कैसे सूचना पहुंचानी है। अभी तक हुई वनाग्नि की घटनाओं का पंजिका में उल्लेख भी नहीं किया गया था। इस पर डीएम ने कर्मियों को फटकार लगाई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को तत्काल कंट्रोल रूम को अलग कक्ष में शिफ्ट कर सही तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।