अतिवृष्टि से प्रभावित उषाड़ा गांव के 30 परिवारों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली है। गांव में कई स्थानों पर भूस्खलन जोन पैदा होने से ग्रामीण दशहत में हैं।
सोमवार को तेज आंधी और बारिश से उषाड़ा गांव का एक हिस्सा खतरे की जद में आ गया है।
काठणी तोक के ऊपर हुए वज्रपात से ग्रामीण रातभर दहशत में रहे। कई घरों पर दरारें आ गई हैं और आंगन धंस गए हैं। मंगलवार को गांव के भरत सिंह बजवाल, राम चंद्र सिंह, प्रेम सिंह, दीवान सिंह, मंगल सिंह, जसवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, कुशाल सिंह, प्रताप सिंह, कुंवर सिंह, जीतपाल सिंह, विक्रम सिंह, सतवीर सिंह, महावीर सिंह, रमेश सिंह, नारायण सिंह, बलवीर, योगेंद्र सिंह, प्रेम सिंह, गोपाल सिंह, धन सिंह, शेर सिंह, प्रह्लाद सिंह व पुष्कर सिंह बजवाल, बलवीर सिंह नेगी, बीेरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, यशवीर सिंह, अजीत सिंह व शिशपाल सिंह नेगी के परिवारों ने अपने पुश्तैनी घर छोड़ दिए हैं।
इन्होंने सगे-संबंधियों, रिश्तेदारों के घरों व अन्य सुरक्षित स्थानों पर शरण ले ली है। उनका कहना है कि तेज बारिश होने से गांव का अन्य हिस्सा भी प्रभावित हो सकता है। इधर, प्रशासन की ओर से अब तक प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।