केदारघाटी में लगातार हो रही बारिश और गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने द्यह्य शनिवार को केदारनाथ की यात्रा सुबह से ही रोक दी गई गई। शुक्रवार को चीरबासा में पैदल रास्ते के क्षतिग्रस्त होने से वहां स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यहां लगातार पत्थर गिर रहे हैं।
बारिश से सुधार कार्य नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने शनिवार सुबह से ही पैदल मार्ग पर आवाजाही बंद कर दी थी। इस दौरान सोनप्रयाग में 250 यात्रियों को रोक दिया गया। जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली और केदारनाथ में कोई यात्री नहीं है।
यहां यात्रा ड्यटूी के तहत विभागीय अधिकारी/कर्मचारियों के अलावा पुलिस और एसडीआरएफ के जवान हैं। दूसरी तरफ शनिवार को केदारनाथ में 58 यात्रियों ने दर्शन किए। ये सभी लोग दोपहर दो बजे तक पैदल रास्ते से वापस सोनप्रयाग लौट आए थे।
आज भी बंद रहा हाईवे
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच पांचवे दिन भी बंद रहा। इधर, फाटा के समीप पहाड़ी से गिरे भारी बोल्डरों को हटा दिया गया है। लेकिन स्थिति संवेेदनशील बनी हुई है। दूसरी तरफ जिले में 25 संपर्क मोटर मार्ग अवरुद्ध हैं।
भैंसारी में धंस रही जमीन, भवनों पर दरार
गुप्तकाशी। मुख्य बाजार और भैंसारी गांव के मध्य क्षेत्र में बने कई आवासीय भवनों पर दरारें आ गई हैं। लगातार हो रही बारिश और मंदाकिनी नदी के बहाव के कारण भू-धंसाव हो रहा है, जिससे खतरा पैदा हो गया है।
राजस्व उप निरीक्षण पीएस रौथाण ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। बताया कि तीन आवासीय भवनों पर दरारें पड़ी हैं। सुरक्षा की दृष्टि ने इन्हें जल्द अन्यत्र शिफ्ट किया जाएगा।
मलाऊं का किया निरीक्षण
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के ग्राम पंचायत फलासी के मलाऊं गांव में हो रहे भूस्खलन से कई आवासीय मकान खतरे की जद में आ गए हैं। शनिवार को तहसीलदार एमएल भेंतवाल ने निरीक्षण किया। बताया कि तीन मकानों के चौक धंस गए हैं।