रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि ब्लाक के सतेराखाल निवासी स्व. ठाकुर धन सिंह बर्त्वाल द्वारा 137 वर्ष पूर्व लिखित श्रीबदरीनाथ धाम की आरती व अन्य प्राचीन पांडुलिपियों को श्रीबदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति ने अंगीकृत कर लिया है। अब समिति की बोर्ड बैठक में इन पांडुलिपियों को नीतिगत तरीके से उपयोग में लाने के लिए प्रस्ताव लाया जाएगा। इसके बाद ही इन पांडुलिपियों को सही दस्तावेज के रूप में बदरीनाथ धाम की आरती के पदों की संख्या बढ़ाने या परिवर्तन को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
रविवार को गांव में आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में श्रीबदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य पुजारी भाष्कर डिमरी व वेदपाठी रविदत्त भट्ट ने वेद मंत्रों के साथ प्राचीन पांडुलिपियों का शुद्धिकरण व तिलक किया। उन्होंने सीईओ बीडी सिंह के हाथों पूजा-अर्चना कराते हुए पांडुलिपियों को अंगीकृत करने का संकल्प कराया। इसके बाद स्व.धन सिंह बर्त्वाल के परपोते महेंद्र बर्त्वाल ने पांडुलिपियों को बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी को सौंपा। सीईओ सिंह ने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में इस पर प्रमुखता से चर्चा करते हुए ठोस निर्णय लिया जाएगा। यूसैक के निदेशक डा. एमपीएस बिष्ट ने स्व. बर्त्वाल के पुस्तैनी मकान को म्यूजियम बनाने पर भी जोर दिया। मौके पर डीएम मंगेश घिल्डियाल, गंभीर सिंह बिष्ट व आचार्य केएन नौटियाल, डॉ नीलम बिष्ट, सूरत सिंह बर्त्वाल, कलपत सिंह, देवेंद्र , सत्येंद्र बर्त्वाल सहित नारी खतैणा स्यूंपुरी सतेराखाल सहित निकटवर्ती गांवों के ग्रामीण भी मौजूद थे।