ऊखीमठ। तहसील मुख्यालय में आयोजित रामलीला के चौथे दिन भगवान राम के स्वयंवर के बाद भव्य झांकी का मंचन किया गया। रामलीला में जुटी राम भक्तों ने पुष्प के साथ झांकी का भव्य स्वागत किया गया।
रामलीला में राजा दशरथ अपने गुरू वशिष्ठ, सुमंत समेत अपने दोनों पुत्र भरत एवं शत्रुघन के साथ जनकपुरी के लिए प्रस्थान करते है। ऊखीमठ से दो किमी दूर किमाणा गांव में जनकपुरी का सैट तैयार किया गया था। जहां अयोध्यावासियों का भव्य स्वागत किया गया। जनकपुरी (किमाणा) में सीता स्वयंवर का भव्य मंचन किया गया। पैंज, किमाणा, पठाली, डुंगर, सेमला व डंगवाडी, भटवाड़ी तथा ब्रहामणखोली से सैकड़ों की संख्या में भक्त किमाणा गांव पहुंचकर भगवान के विवाह में शरीक हुए। स्वयंवर के बाद शाम पांच बजे किमाणा गांव से राम, लक्ष्मण व सीता की भव्य झांकी शुरू की गई। जो ऊखीमठ बाजार से होते हुए अयोध्या (तहसील) परिसर पहुंची। जहां पांडाल में पहले से ही मौजूद भक्तों ने पुष्प वर्षा से श्री राम, लक्ष्मण व सीता का स्वागत कर आशीर्वाद लिया। इससे पहले सोमवार रात्रि को धनुष खंडन का मंचन किया गया। ब्यूरो