रुद्रप्रयाग। गढ़वाल मंडल विकास निगम अपनी संपत्तियों के प्रति कितना गंभीर है, यह अंदाजा अगस्त्यमुनि ब्लॉक के जसोली में देखने मिल रहा है। जहां विश्राम गृह पर चार वर्ष से ताले लटके हैं। देखरेख के अभाव में लाखों की संपत्ति अराजक तत्वों का अड्डा बना हुआ है।
2005-06 में जसोली में जीएमवीएन द्वारा पर्यटन विश्राम गृह का निर्माण किया गया था। इस भवन पर 8 बड़े कमरे और दो बड़े हॉल हैं। विश्राम गृह के संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई थी। कुछ वर्षों तक विश्राम गृह का संचालन औसत व्यवसाय के साथ होता रहा, लेकिन बाद में स्थिति खराब होती गई, जिस कारण यहां तैनात कर्मचारियों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया और सिर्फ एक कर्मचारी को यहां रखा गया। बावजूद विश्राम गृह के प्रचार-प्रसार व सुविधाओं के लिए प्रयास नहीं किए गए। निगम की लापरवाही के कारण हालात इस कदर हुए कि 2014 से 2018 मार्च तक यहां एक भी पर्यटक नहीं पहुंचा। लगातार चार वर्ष तक शून्य कारोबार के कारण आखिरकार निगम द्वारा इस भवन को सीज कर दिया गया था। तब, से किसी ने इसकी सुध तक नहीं ली है। इधर, क्षेत्रीय प्रबंधक पीएल कवि ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले पदभार ग्रहण किया है। जसोली विश्राम गृह के बारे में जानकारी नहीं है।