केदारनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड शासन को केदारनाथ में आपदा से पुनर्निर्माण के सफर पर डाक्यूमेंट्री बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पुनर्निर्माण कार्यों में आने वाली कठिनाइयों का भी डाक्यूमेंट्री में प्रमुखता से जिक्र करें।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री ने फोटो गैलरी के निरीक्षण के दौरान केदारनाथ पर डाक्यूमेंट्री बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने 16/17 की तबाही से लेकर अभी तक हुए पुनर्निर्माण कार्यों के फोटो व वीडियो के साथ यात्रा संचालन और कार्यों में आने वाली मौसम व अन्य प्रकार की दिक्कतों का भी उल्लेख करने को कहा। यह डाक्यूमेंटी 12 से 15 मिनट की होगी। इस डाक्यूमेंट्री से देश-दुनिया को पता लगेगा कि अधिकारियों/कर्मचारियों और मजदूरों ने 11500 फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ धाम में विषम परिस्थितियों के बाद भी किस तरीके से कार्य किया है। बर्फबारी और दिन में भी माइनस 8 डिग्री तापमान में केदारनाथ को संवारने का कार्य किया गया है। ब्यूरो
गरुड़चट्टी नहीं जा सके पीएम मोदी
केदारनाथ। प्रधानमंत्री अपनी साधना स्थली गरुड़चट्टी का भ्रमण नहीं कर सके। बीते सप्ताह हुई भारी बर्फबारी के कारण यहां का रास्ता बंद है, जिससे पीएम का गरुड़चट्टी का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। बता दें कि मोदी ने 80 के दशक में गरुड़चट्टी में डेढ़ माह तक साधना की थी। इस दौरान वे हर रोज बाबा केदार के दर्शन को मंदिर में पहुंचते थे और कुछ समय परिसर में बिताते थे।
मौन गुफा के दर्शन को फिर आऊंगा
केदारनाथ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर से करीब एक किमी दूर मंदाकिनी नदी के ऊपरी तरफ बनाई गई मौन गुफा को भी नहीं देख पाए। उन्होंने कहा कि अब जब भी धाम आऊंगा, गुफा के दर्शन जरूर करूंगा। बता दें कि पीएम मोदी के कहने पर केदारनाथ में अध्यात्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुफा का निर्माण कराया गया है। आने वाले समय में यहां अलग-अलग स्थानों पर और गुफाएं बनाई जानी हैं। ब्यूरो
लोगों को स्वस्थ रहने का आशीष दिया
केदारनाथ। प्रधानमंत्री मोदी जब मंदिर परिसर से आगे बढ़ते हुए मंदिर मार्ग की तरफ बढ़ने लगे तो मंदिर के दायीं तरफ एकत्रित लोगों ने उनका अभिनंदन किया। इस पर, पीएम ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया और स्वस्थ रहने का आशीष दिया। पीएम मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य बढ़िया रखिए। उन्होंने मंदिर मार्ग पर एकत्रित भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी।