ऊखीमठ। लामबगड़-पनपतिया-मद्महेश्वर ट्रैक पर आशिकी ताल में ट्रैकर के शव के साथ रुके आठ पोर्टरों को लाने के लिए रेस्क्यू दल सजल सरोवर पहुंचा चुका है। शुक्रवार तक शव को लेकर लोगों के तहसील मुख्यालय पहुंचने की उम्मीद है, जबकि आठ ट्रैकर सहित 14 लोग सकुशल देरशाम ऊखीमठ पहुंच गए हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर को थानाध्यक्ष होशियार सिंह पंखोली के नेतृत्व में 13 सदस्यीय रेस्क्यू दल सजल सरोवर पहुंच गया था। यहां से हरी झंडी से आशिकी ताल में रुके आठ पोर्टरों को नीचे उतरने का संकेत दिया गया है। संकेत मिलने पर ये सभी पोर्टर ट्रैकर के शव को लेकर नीचे उतरने लगे थे। वहीं, एसडीआरएफ का छह सदस्यीय रेस्क्यू दल भी कातिनी ताल पहुंच गया है। एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने बताया कि 22 सदस्यीय ट्रैकिंग दल में से चार ट्रैकर, दो पोर्टर और दो गाइड बुधवार रात्रि को ऊखीमठ पहुंच गए हैं, जबकि चार ट्रैकर और दो अन्य लोगों को बृहस्पतिवार शाम को रांसी से ऊखीमठ लाया गया है।
बता दें पांच जून को लामबगड़-पनपतिया-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट पर पश्चिम बंगाल के नौ ट्रैकर, 12 पोर्टर व दो गाइड सहित 23 सदस्यीय दल खीरों नदी से रवाना हुआ था। बीते 11 जून को दल के एक सदस्य अरुण कुमार दास की सजल सरोवर में मौत हो गई थी। वहीं, बृहस्पतिवार को लामबगड़-पनपतिया-मद्महेश्वर ट्रैक पर आशिकी ताल में रुके पोर्टरों को ऊखीमठ लाने के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाना था, लेकिन मद्महेश्वर से ऊपर क्षेत्र में कोहरा होने से रेस्क्यू नहीं हो सका।