रुद्रप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रैंतोली के समीप करीब 30 मीटर से अधिक पुस्ता ध्वस्त हो गया है। इससे वाहनों की आवाजाही में खासी दिक्कत हो रही है। दूसरी तरफ ऑल वेदर रोड़ परियोजना के तहत हो रहे निर्माण कार्य से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे भी कई जगहों पर संवेदनशील बना हुआ है। लगातार हो रही तेज बारिश से स्थिति दिनोंदिन खतरनाक बनती जा रही है।
जिला मुख्यालय से करीब तीन किमी दूर ज्वाल्पा पैलेस के समीप रैंतोली में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बेहद संवेदनशील हो गया है। यहां बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश के बहाव से हाईवे का करीब 30 मीटर पुस्ता ध्वस्त हो गया। वायरक्रेट पुस्ते के ढहने से पूरा चौड़ाई क्षेत्र भी धंसाव जोन में आ गया, जिससे अब भारी वाहनों की आवाजाही खतरनाक है। एनएच निर्माण खंड लोनिवि की ओर से तत्काल मौके पर मशीनों की मदद से सड़क के ऊपरी तरफ 2 से 3 मीटर चौड़ाई में और करीब 100 मीटर लंबाई में कटिंग की जा रही है। एनएच के सहायक अभियंता अनिल बिष्ट ने बताया कि पहाड़ी से आए बरसाती नाले की निकासी नहीं होने से सड़क का पुस्ता ध्वस्त हो गया था। जबकि गौरीकुंड राजमार्ग पर बरसात से भूस्खलन जोन के सक्रिय होने का खतरा बना हुआ है। खाट गांव के नीचे हाईवे सबसे अधिक खतरनाक बना है। बताया कि कार्यदायी संस्था की ओर से पहाड़ी को काटकर यहां पर करीब 8 मीटर सड़क चौड़ी कर दी गई है, लेकिन केदारघाटी क्षेत्र में दोपहर बाद हो रही तेज बारिश से यहां भूस्खलन व भू-धंसाव का खतरा बढ़ गया है। दूसरी तरफ रुद्रप्रयाग से तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि से कुंड और गुप्तकाशी से सोनप्रयाग के बीच भी कई जगहों पर कटिंग से मलबा पड़ा हुआ है, जिससे छोटे वाहनों के संचालन में भी दिक्कतें हो रही हैं।
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ऑल वेदर रोड़ परियोजना के तहत की गई कटिंग से एकत्रित मलबा व बोल्डर साफ किए जा रहे हैं। एक सप्ताह में पूरे हाईवे को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
--- प्रवीन कुमार, ईई एनएच (लोनिवि) रुद्रप्रयाग