रुद्रप्रयाग। श्री108 स्वामी सच्चिदानंद वेद भवन संस्कृत महाविद्यालय में ज्योतिष प्रशिक्षण केंद्र का जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है। इसके संरक्षण के लिए नई पीढ़ी को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। संस्कृत भाषा हीं नहीं, संस्कारों का भंडार भी है, जिसे संजोना जरूरी है।
महाविद्यालय में आयोजित उद्घाटन समारोह में डीएम ने कहा कि संस्कृत को प्राथमिक स्तर से पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए, जिससे छोटे बच्चों में भी इसके प्रति रुचि पैदा हो। उन्होंने ज्योतिष प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण लेने वाले प्रशिक्षणार्थियों से पूरी लगन के साथ पठन-पाठन को कहा। महाविद्यालय के प्राचार्य डा. सुरेशचरण बहुगुणा ने ज्योतिष केंद्र के बारे में जानकारी दी। बताया कि केंद्र के माध्यम से प्रशिक्षणार्थियों को एक माह का ज्योतिष प्रशिक्षण दिया जाएगा। डा. भानुप्रकाश देवली ने ज्योतिष के बारे में विस्तार से बताया। विशिष्ट अतिथि व शिक्षाविद् अरविंद नौटियाल ने संस्कृत के महत्व पर चर्चा की। समारोह की अध्यक्षता करते हुए स्वामी धर्मानंद जी महाराज ने युवा पीढ़ी से ज्योतिष और संस्कृत को गंभीरता से लेने को कहा। इस मौके पर प्रदीप बगवाड़ी, श्याम लाल सुंदरियाल, कैलाश खंडूरी, डा. आरपी उपाध्याय, आचार्य जेपी गौड़, एसबी बमोला, प्रवीन सती, सुखदेव सिलोड़ी, सुरेंद्र नौटियाल, डीपी नौटियाल आदि मौजूद थे।