रुद्रप्रयाग। लोक निर्माण विभाग ऊखीमठ डिवीजन के अधिशासी अभियंता मनोज दास और तहसीलदार जयवीर राम बधाणी के लिखित आश्वासन पर ओरिंग के ग्रामीणों ने चार दिनों से चला आ रहा आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। इस मौके पर अधिकारियों ने पांचों अनशनकारियों को जूल पिलाकर उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई। भरोसा दिलाया कि जल्द से जल्द मार्ग निर्माण का कार्य शुरू किया जाएगा।
शुक्रवार को गांव पहुंचे ईई दास और तहसीलदार बधाणी ने अनशनकारियों व ग्रामीणों से लंबी वार्ता की। कहा कि 2 किमी कुसुमागड़-ओरिंग मोटर मार्ग की प्राथमिक स्वीकृति के बाद डीपीआर शासन को भेजी जा चुकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक माह में मार्ग की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस संबंध में निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। इस पर, अनशनकारियों व ग्रामीणों ने पुन: आपस में विचार-विमर्श कर भूख हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अनशनकारियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने अनशन पर बैठी मासंती देवी, सुमति देवी, दर्शनी देवी, नारायण सिंह नेगी व श्रीधर सिंह नेगी को जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन समाप्त कराया। इस मौके पर प्रधान सुमित्रा नेगी, बादर सिंह, चन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, यशवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने कहा कि अगर एक माह के भीतर मार्ग निर्माण को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह दोबारा आंदोलन करेंगे। बीते 10 अप्रैल से ओरिंग के ग्रामीणों ने गांव के पंचायत भवन में गांव को संपर्क मार्ग से जोडने की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया था। गांव के पांच लोग आमरण अनशन पर बैठ गए थे। अनशन के बाद से इन लोगों के स्वास्थ्य में निरंतर गिरावट आ रही थी।