रुद्रप्रयाग। ग्रामीण विकास एवं पर्यावरण संरक्षण पर भटवाड़ी गांव में आयोजित गोष्ठी में पद्मश्री पर्यावरणविद चंडंी प्रसाद भट्ट ने कहा कि आमजन की सहभागिता से ही योजनाओं का निर्माण किया जाना चाहिए। थोपी हुई योजनाओं का जमीन पर सही क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। गोष्ठी के दौरान गांव के 19 उन्नतशील काश्तकारों को हल भी वितरित किए गए।
अगस्त्यमुनि विकासखंड के ग्राम पंचायत कोठगी के भटवाड़ी गांव में आयोजित गोष्ठी में पर्यावरणविद् चंडी प्रसाद भट्ट ने शिक्षक सतेंद्र भंडारी की ओर से पर्यावरण के क्षेत्र मे किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऊपर से थोपी हुई योजनाओं का जमीन पर सही क्रियान्वयन नहीं हो पाता है। उन्होंने घोलतीर से रुद्रप्रयाग तक अलकनंदा नदी के दोनों ओर सघन पोधारोपण कर पर्यावरण की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि ग्रामीणों को स्वरोजगार के लिए जागरूक होना पड़ेगा। कहा कि ग्रामीण गांव की विकास संबंधी योजनाएं बनाए।ं स्वरोजगार करने वाले लोग योजना बनाकर प्रशासन को दें। वरिष्ठ पत्रकार रमेश पहाड़ी ने कहा कि पौधारोपण की बहुत योजनाएं व परियोजनाएं चलाई जा रही है, लेकिन वृक्ष कहीं भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। कहा कि पेड़ों को संरक्षित करने का जो बीड़ा शिक्षक सतेंद्र भंडारी ने उठाया है वह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतर साबित होगा। पर्यावरण प्रेमी शिक्षक सतेंद्र भंडारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। चडी प्रसाद भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर की ओर से 19 उन्नतशील काश्तकारों को नवीन तकनीक के हल वितरित किए गए। इसके बाद पर्यावरणविद चंडी प्रसाद भट्ट, डीएम मंगेश घिल्डियाल व अन्य ने भंडारी के त्रिफला वन का निरीक्षण कर 14 तेज पत्तों का रोपण किया। इस मौके पर मुरारी लाल, भोपाल सिंह नेगी, ररवान सिंह नेगी, सरेंद्र सिंह सजवाण, माया देवी, बीरा देवी, समेत भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।