रुद्रप्रयाग। भक्तों से 12 वर्ष बाद फिर बुलाने का वचन लेकर आराध्य मां भगवती हरियाली देवी ने विदा ली। इसके साथ ही नौ दिवसीय जात भी संपन्न हो गई।
नवासू गांव में 19 दिसंबर से शुरू हुई मां हरियाली की जात महायज्ञ का आयोजन किया गया। अंतिम दिन मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने कहा कि मां हरियाली प्रकृति की देवी हैं। उनका आशीर्वाद सब पर बना रहे, इसके लिए धार्मिक मान्यताओं के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी सक्रिय होना होगा। उन्होंने प्रवासियों से समय-समय पर अपने गांवों में आते रहने का भी आह्वान किया। उन्होंने हरियाली मंदिर परिसर के चारों तरह सुरक्षा दीवार सहित परिसर का विस्तार को लेकर जल्द कार्रवाई का भरोसा भी दिया। ब्लाक प्रमख जगमोहन सिंह रौथाण ने डीएम का स्वागत करते हुए उन्हें प्रतीक चिह्न भेंट किया। साथ ही क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण के लिए मांगपत्र भी सौंपा। इस अवसर पर मंदिर समिति के संरक्षक प्रेम सिंह रौथाण, देवी प्रसाद बहुगुणा, सुरजीत सिंह रौथाण ने डीएम का माल्यार्पण किया। इसके पहले सुबह 4 बजे मंदिर में देवी की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हुई। सुबह 11 बजे से मंदिर में महायज्ञ शुरू हुआ, जिसमें देवी पश्वा सहित अन्य लोगों ने क्षेत्र व गांव की सुख-समृद्धि के लिए आहुतियां दी। अपराह्न 3 बजे से देवनृत्य में मां राजराजेश्वरी, मां हरियाली सहित हीत, घंडियाल, बिनसर, कालिंका, मां मैठाणा, वन देवी सहित अन्य देवी-देवता भी अपने पश्वाओं पर अवतरित हुए। शाम 5 बजे देवी पश्वा की ओर से नौ दिवसीय हरियाली जात का पूर्णाहुति के साथ समापन किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे करीब 12 हजार श्रद्धालुओं ने आराध्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस मौके पर आरएस रौथाण, बीएस रौथाण, एसपी बहुगुणा, धीरेंद्र सिंह रौथाण, रमेश रौथाण, मुकेश रौथाण, महावीर रौथाण, गजेंद्र रौथाण, जयवीर असवाल, रमेश सिंह, बीरेंद्र सिंह रौथाण, एपी बहुगुणा, हरेंद्र सिंह रौथाण, विक्रम सिंह रौथाण, बलवंत सिंह रौथाण सहित अन्य आयोजक मौजूद थे।
आराध्य भी भावुक हो गई...
नौ दिवसीय जात के समापन पर मां भगवती हरियाली भी अपने भक्तों को देख भावुक हो गई। पश्वा पर अवतरित होकर देवी ने मंदिर के चारों तरफ मौजूद भक्तों को निहारा। आंखों से निकलते आंसुओं के बीच आराध्य अपनी ध्याणियों से मिलती रही। इस मौके पर कई ध्याणियां फफक-फफक कर रो पड़ी। भक्त और भगवान के मिलन और विदाई के इन क्षणों को देखकर पूरा हरियाली मंदिर क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।
2029 में होगी अगली जात
नवासू गांव में आराध्य मां हरियाली देवी की नौ दिवसीय जात अब 2029 में होगी। इस आयोजन के लिए जल्द ही नई रूपरेखा भी तैयार की जाएगी। साथ ही वर्ष 2023 में कालिंका मदिर में 11 दिवसीय श्रीमद्भागवत पुराण का आयोजन किया जाएगा।