मंदाकिनी नदी में बनी लिफ्टिंग पपिंग योजना के 19 दिन से बिजली सप्लाई ठप होने से तिलवाड़ा की करीब चार हजार आबादी पेयजल संकट से जूझ रहे है।
13 मार्च को रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग पर तिलवाड़ा बाजार में दो विद्युत पोलों के ढहने के बाद से मंदाकिनी नदी से संचालित पपिंग योजना बंद है। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया हुआ है। इन हालात में यहां करीब चार हजार की आबादी नदी और दो हैंडपंपों के सहारे अपनी जरूरतों को पूरा कर रही है। नलकूल और ऊर्जा निगम की ओर से समस्या के निस्तारण का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
गुमान सिंह, राजेंद्र सिंह, विक्रम सिंह, शिशुपाल सिंह का कहना है कि लस्तर-सुमाड़ी-तिलवाड़ा योजना विवादों में होने से एक दशक बाद भी नहीं बन पाई है। तल्ला नागपुर योजना से भी तिलवाड़ा को नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में नदी से लिफ्टिंग पपिंग योजना के सहारे लोग अपने हलक तर कर रहे थे। 19 दिन से यह योजना भी विद्युत आपूर्ति के अभाव में ठप है। संबंधित अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। दूसरी तरफ कस्बाई क्षेत्र में जलसंस्थान के हैंडपंपों से भी कम जलापूर्ति हो रही है। इन हालात में मंदाकिनी नदी से पानी ढोकर लोग जरूरतें पूरी कर रहे हैं।
14 मार्च से कई दौर की वार्ता के बाद भी कुछ लोग नए पोल लगाने को लेकर आपत्ति कर रहे हैं। वे, दूसरी तरफ से भी नई लाइन नहीं बिछाने दे रहे हैं, जिससे पपिंग योजना की विद्युत सप्लाई बहाल नहीं हो पा रही है।- शैलेंद्र सिंह बिष्ट, एसडीओ ऊर्जा निगम रुद्रप्रयाग